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कोरोना काल में अफवाह फैलाई तो होगी जेल

कोरोना के इस मुश्किल दौर में अफवाहों से बचना जरूरी है। क्योंकि इस बीमारी वाले आपातकाल में अफवाह फैलाना ज्यादा बड़ा जुर्म है। क्योंकि अफवाहें कई बार गलत चीजें लोगों तक पहुंचाती हैं। जिससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती है।
कानून की जानकारी पर काम करने वाली संस्था भारतीय जागरूकता समिति इसी मुहीम में लगी है कि अफवाह न फैले। भारतीय जागरूकता समिति​ के अध्यक्ष और नैनीताल हाईकोर्ट के वकील ललित मिगलानी ने लोगों से अपील की इन विकट परिस्थियों में हमें काफी सावधानी के साथ अपने और अपनों को बचाना है। यही हमारी प्राथमिकता हैI हमारी एक छोटी सी गलती निश्चित रूप से व्यापक रूप ले सकती हैI इसलिए हमें हर प्रकार से निमयों का पालन कर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। ताकि उनको भी इस लड़ाई में सहयोग मिल सके। मिगलानी ने बताया कि इस वक्त हमें अफवाहों से बचना चाहिए। अगर किसी के द्वारा किसी ही सोशल नेटवर्किंग साइट पर ग्रुप संचालित किया जा रहा है तो वो सुनिश्चित कर लें कि उसके ग्रुप में कोई भी पोस्ट, खबर, फोटो, वीडियो आदि सत्यता की जांच के बाद ही डाली जा रही है। अगर ऐसा नहीं करते तो एडमिन ग्रुप के मेंबर कानूनी तौर पर अपराधी माने जाएंगे। जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता हैI
भारतीय जागरूकता समिति की सदस्य शिवानी गोर्ड बताती हैं कि हमें तय समय के भीतर ही सावधानी पूर्वक बाहर निकलना चाहिए। और अपना काम कर तुरंत घर वापस आकर अनपे आप को सैनेटाइज करना चाहिए।अनावश्यक रूप से बाहर निकल कर और भीड़-भाड़ कर हम प्रसाशन के प्रयासों को विफल न करें। दूसरी सलाहकार सदस्य अंजलि महेश्वरी ने कहा अगर किसी व्यक्ति को समाज के किसी वर्ग की आर्थिक या अन्य प्रकार की मदद करनी है तो प्रशासन की मदद से सहयोग कर सकता हैI  जबकि संस्था के सदस्यआशु चौधरी ने कहा की हमें केंद्र और राज्य सरकार के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। तभी हम जल्द से जल्द इस परेशानी से निकल सकेंगेI
नितिन गौतम ने कहा की मे लॉकडाउन का सख्ती से पालन करना ही प्रशासन का सहयोग होगा। ऐसा न करने और पुलिस से उलझने पर आपको जेल के पीछे जाना पड़ सकता है।
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