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चाय पीने के खास नुस्खे

चाय के शौकीन लोग अक्सर इसकी खूबियां गिनाते देखे जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जो लोग चाय नहीं पीते, वे इसके नुकसान गिनाते रहते हैं। यानी फायदे और नुकसान को लेकर दोनों के अपने-अपने तर्क होते हैं। यदि गौर से देखा जाए तो ये दोनों ही बातें अपनी अपनी जगह ठीक हैं। असल में चाय में कैफीन नामक तत्व होता है जिसके सेवन से सिरदर्द जैसी समस्या से कुछ हद के लिए निजात पाई जा सकती है लेकिन यदि चायपत्ती को अधिक उबाला जाए तो कैफीन अपना अधिक असर दिखाती है। धीरे-धीरे चाय पीने वाला इसका आदी हो जाता है और फिर चाय न मिलने की स्थिति में सिर में दबाव महसूस करता है और जब तक चाय न पी ले, तब तक दबाव बना ही रहता है। कुछ लोग जब थकान महसूस करते हैं या देर रात तक काम करते हैं तो उन्हें चाय की आवश्यकता महसूस होती है क्योंकि चाय में ऐसे तत्व पाये जाते हैं जिनसे व्यक्ति थकान में राहत महसूस करता है। असल में चाय के अनेक लाभ हैं लेकिन वहीं साथ-साथ इसका अधिक सेवन लाभ की बजाय हानि भी पहुंचा सकता है। इसलिए आवश्यक है कि चाय का प्रयोग सही तरीके से किया जाए और चाय पीते समय इन जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए। सुबह की पहली चाय पीने से पहले कुल्ला या ब्रश जरूर करें। बैड टी के साथ नमकीन बिस्कुट हों तो ठीक रहेगा क्योंकि खाली पेट चाय पीने से नुकसान होने की संभावना रहती है। रेलवे स्टेशनों या टी स्टालों पर बिकने वाली चाय का सेवन यदि न करें तो बेहतर होगा क्योंकि ये बरतन को साफ किये बिना कई बार इसी में चाय बनाते रहते हैं जिस कारण कई बार चाय विषैली हो जाती है।

चाय को कभी भी दोबारा गर्म करके न पिएं। कई बार हम बची हुई चाय को थरमस में डालकर रख देते हैं इसलिए भूलकर भी ज्यादा देर तक थरमस में रखी चाय का सेवन न करें। चायपत्ती को कम उबालें तथा एक बार चाय बन जाने पर इस्तेमाल की गई चायपत्ती को फेंके दें। चाय पत्ती खरीदते समय सीलपैक चाय का ही चुनाव करें क्योंकि कई बार खुली चाय में कई तरह की गंध आ रही होती है जिससे चाय का स्वाद खराब होने का अंदेशा रहता है। बहुत अधिक गरम चाय का सेवन न करें क्योंकि इससे दांत खराब होने का डर रहता है।

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