दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की फ़िल्म ‘छिछोरे’ को बेस्ट हिंदी फीचर फ़िल्म घोषित किया गया है। नितेश तिवारी निर्देशित छिछोरे में सुशांत के साथ श्रद्धा कपूर, वरुण शर्मा, ताहिर राज भसीन ने मुख्य भूमिकाएं निभायी थीं। यह फ़िल्म 2019 में रिलीज़ हुई थी। यह फ़िल्म जीवन में कभी ना हार मानने का संदेश बेहद मनोरंजक ढंग से देती है। बेस्ट फीचर फ़िल्म मलयालम की ‘मरक्कड़ अरबीक्कड़ालिंटे सिंहम’ को चुना गया, जिसे प्रियदर्शन ने निर्देशित किया है, जबकि इसका निर्माण आशीर्वाद सिनेमाज़ ने किया है।

बेस्टर एक्टर साझा रूप से मनोज बाजपेयी और धनुष को चुना गया। मनोज को ‘भोंसले’ और धनुष को ‘असुरन’ के लिए यह अवॉर्ड दिया जा रहा है। मनोज बाजपेयी का यह तीसरा राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार है। इससे पहले उन्हें ‘सत्या’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार दिया गया था। वहीं, ‘पिंजर’ में अभिनय के लिए मनोज बाजपेयी को स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड दिया गया था। तमिल एक्टर धनुष की भी राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों में चौथी उपस्थिति है। 2010 में धनुष आडुकलम के लिए बेस्ट एक्टर का पुरस्कार जीत चुके हैं। इसके बाद 2014 और 2015 में वो सह-निर्माता के रूप में नेशनल अवॉर्ड्स तक पहुंचे थे।

‘मणिकर्णिका- द क्वीन ऑफ़ झांसी’ और ‘पंगा’ के लिए कंगना रनोट को बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया। कंगना का यह चौथा नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड है। उन्हें ‘फैशन’ के लिए सबसे पहले बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवॉर्ड प्रदान किया गया था। इसके बाद ‘क्वीन’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया था। बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड के लिए संजय पूरन सिंह चौहान को उनकी फ़िल्म ‘बहत्तर हूरें’ के लिए चुना गया है।

बाक़ी पुरस्कार इस प्रकार हैं-

बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर- विजय सेतुपति (सुपर डीलक्स- तमिल)

बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस- पल्लवी जोशी (द ताशकंद फाइल्स- हिंदी)

बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट- नागा विशाल, करुप्पु दुराई (तमिल)

बेल्ट चिल्ड्रेन फ़िल्म- कस्तूरी (हिंदी), निर्माता- इनसाइट फ़िल्म्स, निर्देशक- विनोद उत्तरेश्वर काम्बले

बेस्ट फ़िल्म ऑन एनवायरनमेंट कंजरवेशन- वॉटर बरियल (मोनपा), निर्माता- फारूख़ इफ़्तिखार लस्कर, निर्देशक शांतनु सेन

बेस्ट फ़िल्म ऑन सोशल इशू- आनंदी गोपाल (मराठी), निर्माता- एस्सेल विज़न प्रोडक्शंस, निर्देशक- समीर विधवंस

नर्गिस दत्त अवॉर्ड फॉर फिल्म ऑन नेशनल इंटीग्रेशन- ताजमल (मराठी), निर्माता- टियूलाइन स्टूडियोज़, निर्देशक- नियाज़ मुजावर

बेस्ट फ़िल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट- महर्षि (तेलुगु), निर्माता- श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस, निर्देशक- पेडिपल्ली वंशीधर राव

बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर- बी प्राक, गाना- तेरी मिट्टी (केसरी- हिंदी)

बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर- सावनी रवींद्र, गाना- रान पीटला, (मराठी फ़िल्म- बार्दो)

बेस्ट लिरिक्स- प्रभा वर्मा, अरादुम परायुक्का वाय्या- कोलम्बी (मलयालम)

बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्शन (सॉन्ग्स)- डी. इमान, विश्वासम (तमिल)

बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्शन (बैकग्राउंड स्कोर)- प्रबुद्ध बनर्जी, ज्येष्ठपुत्रो (बंगाली)

बेस्ट स्क्रीनप्ले (ओरिजिनल)- कौशिक गांगुली, ज्येष्ठपुत्रो (बंगाली)

बेस्ट स्क्रीनप्ले (अडेप्टेड)- श्रीजीत मुखर्जी, गुमनामी (बंगाली)

बेस्ट स्क्रीनप्ले (डायलॉग राइटर)- विवेक अग्निहोत्री, द ताशकंद फाइल्स (हिंदी)

बेस्ट सिनेमैटोग्राफी- गिरीश गंगाधरन, जलीकट्टू (मलयालम)

बेस्ट मेकअप आर्टिस्ट- रंजीत, हेलन (मलयालम)

बेस्ट कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर- सुजीत सुधाकरन और वी साई, मरक्कड़ अरबीकड़ालिंते सिम्हम (मलयालम)

बेस्ट प्रोडक्शन डिज़ाइन- सुनील निगवेकर और नीलेश वाघ, आनंदी गोपाल (मराठी)

बेस्ट बंगाली फ़िल्म- गुमनामी, निर्देशक- श्रीजीत मुखर्जी

बेस्ट असमी फ़िल्म- रोनुआ- हू नेवर सरेंडर्स, निर्देशक- चंद्र मुडोई

बेस्ट एक्शन डायरेक्शन (स्टंट)- विक्रम मोर, अवने श्रीमन्नारायण (कन्नड़)

बेस्ट कोरियोग्राफी- राजू सुंदरम, महर्षि (तेलुगु)

बेस्ट स्पेशल इफेक्ट्स- सिद्धार्थ प्रियदर्शन, मरक्कड़ अरबिक्काडालिंते सिंघम (मलयालम)

बेस्ट एडिटिंग- नवीन नूली, जर्सी (तेलुगु)

बेस्ट ऑडियोग्राफी (लोकेशन साउंड रिकॉर्डिंग)- देबजीत गयन, Lewduh (खासी)

बेस्ट आडियोग्राफी (साउंड डिज़ाइनर)- मंदार कमलापुरकर, त्रिज्या (मराठी)

बेस्ट ऑडियोग्राफी (री-रिकॉर्डिस्ट ऑफ़ द फाइनल मिक्स्ड ट्रैक)- रेसुल पुकुट्टी, उत्ता सेरुप्पु साइज़-7 (तमिल)

स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड- राधाकृष्ण पार्थिबन उत्ता सेरुप्पु साइज़-7 (तमिल)

बेस्ट फ़िल्म क्रिटिक- सोहिनी चट्टोपाध्याय

इंदिरा गांधी अवॉर्ड फॉर बेस्ट डेब्यू फ़िल्म ऑफ़ अ डायरेक्टर- हेलेन (मलयालम), निर्देशक- मुथुकुट्टी ज़ेवियर

बेस्ट नैरेशन (नॉन फीचर फ़िल्म)- वाइल्ड कर्नाटक (अंग्रेज़ी)- सर डेविड एटनबरो

बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्शन (नॉन फीचर फ़िल्म)- क्रांति दर्शी गुरुजी, अहेड ऑफ़ टाइम्स (हिंदी)- बिशाखज्योति

बेस्ट बुक ऑन सिनेमा- अ गांधियन अफेयर: इंडियाज़ क्यूरियस पोर्ट्रेयल ऑफ़ लव इन सिनेमा, लेखक- संजय सूरी

मोस्ट फ़िल्म फ्रेंडली स्टेट- सिक्किम