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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट थे जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति

कुलदीप तोमर

नई दिल्ली: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता का सोमवार सुबह दिल्ली के AIIMS अस्पताल में निधन हो गया। लेकिन क्या आपको पता है योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट ने हमेशा एक साधारण व्यक्ति की तरह ही जीवन यापन किया। इसकी बानगी लोगों को गत वर्ष तब भी देखने मिली थी जब हरिद्वार में आयोजित एक रोजगार मेले में आनंद सिंह बिष्ट अपनी नतिन लक्ष्मी रावत और पोती अर्चना बिष्ट के साथ साधारण स्वभाव में पहुचें थे। इतना ही नहीं, रोजगार मेले में पहुँच घंटों लाइन में खड़े रहकर पास बनवाया था। इसके बाद इंटरव्यू के लिए भी लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा। तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भतीजी अर्चना ने बताया था कि उन्होंने राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज थलनदी पौड़ी से ऑफिस मैनेजमेंट में डिप्लोमा हासिल किया है और वह अपनी योग्यता के आधार पर नौकरी हासिल करना चाहती हैं न कि परिवारिक पैरवी से। आनंद सिंह बिष्ट ने दोनों का ‘स्किल इंडिया’ के तहत पंजीकृत कराकर ‘स्नाइडर इंडिया’ कंपनी में इंटरव्यू दिलाया था।  जब उनसे यह पूछा गया कि आप तो यूपी के मुख्यमंत्री के पिता हैं और वे दोनों को कहीं भी बेहतर नौकरी दिला सकते हैं। इस पर सीएम योगी के पिता ने कहा था कि मैं सिफारिश से नौकरी पाने और पक्षपात का घोर विरोधी हूं। चाहता हूं कि बच्चे कंपीटिशन और अपनी योग्यता के बल पर नौकरी हासिल करे। इससे उन्हें जीवन का अनुभव तो हासिल होगा साथ ही चुनौतियों से मुकाबला करने की ताकत भी मिलेगी।

अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाएंगे योगी आदित्यनाथ

-चिठी लिखकर जताया शोक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पिता आनंद सिंह बिष्ट के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाएंगे। पिता के निधन पर सीएम योगी ने एक खत लिखा। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई के कारण मैं अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाऊंगा। लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ जाऊंगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने खत में लिखा, ‘पिताजी के कैलाशवाली होने पर मुझे भारी दुख और शोक है। वे मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता हैं। जीवन में ईमानदारी, कठोर परिश्रम और निस्वार्थ भाव से लोक मंगल के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य करने का संस्कार बचपन में उन्होंने मुझे दिया। अंतिम क्षणों में उनके दर्शन की हार्दिक इच्छा थी।’ आगे सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा, ‘वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई को उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता के हित में आगे बढ़ाने का कर्तव्यबोध के कारण मैं अंतिम दर्शन न कर सका। कल 21 अप्रैल को लॉकडाउन के कारण अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाऊंगा।’ लोगों से अपील करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘मैं सभी सदस्यों से अपील करता हूं कि लॉकडाउन का पालन करते हुए कम से कम लोग अंतिम संस्कार में रहें। पूज्य पिताजी की स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ आऊंगा।’

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