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भारत में टिड्डियों के हमले के प्रकोप को रोकने के लिए केन्‍द्र ने शुरू किया अभियान

पश्चिम और उत्‍तर-पश्चिम भारत के बडे़ हिस्‍से में टिड्डियों के प्रकोप के बीच कृषि और किसान कल्‍याण विभाग ने राजस्‍थान, पंजाब, गुजरात और मध्‍य प्रदेश में टिड्डी रोकथाम अभियान तेज़ कर दिया है। कल राजस्‍थान के बाड़मेर, जोधपुर, नागौर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर और मध्‍य प्रदेश के सतना, ग्‍वालियर, सीधी, राजगढ़, बैतूल, देवास और अगर मालवा जिलों में टिड्डियों‍ के झुंड सक्रिय दिखे।

प्रभावित राज्‍यों में जिला प्रशासन और कृषि निगरानी इकाइयों ने दो सौ क्षे‍त्रीय टिड्डी निरोधक कार्यालय खोले हैं। इन कार्यालयों में तालमेल के साथ सर्वेक्षण और नियंत्रण अभियान भी चलाया जा रहा है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में आतंक मचाने के बाद टिड्डियों का दल बुधवार को एक बार फिर उत्तर प्रदेश के झांसी पहुंच गया और ये अब महाराष्ट्र के रामटेक शहर की ओर भी बढ़ सकता है. आमतौर पर टिड्डी दल के प्रकोप से अछूता रहने वाले पंजाब में भी इस बार इनके हमले की आशंका है. इसके हमले को रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाएं हैं.

राजस्थान, पंजाब एवं हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में टिड्ढा के प्रकोप के कारण देश का कृषि विभाग अलर्ट हो गया है। जगह जगह किसानो को टिड्डियों के हमले से अपनी फसलों को बचने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है, टिड्ढी दल का प्रकोप महामारी स्वरूप ग्रहण कर लेता है, इसलिए इसकी निगरानी निरंतर की जाए। अगर आपके गाँव में किसी किसान के खेत में टिड्ढी दल दिखाई दे तो तत्काल वह ग्राम प्रधान, लेखपाल, कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों के माध्यम से जिला प्रशासन को अवगत कराएं। टिड्ढी के प्रकोप की दशा में एक साथ एकत्र होकर टीन के डिब्बे, थालियां आदि बजाते हुए शोर मचाएं। शोर से टिड्ढी दल आसपास के खेतों में आक्रमण नहीं कर पाएंगे। 

गृह मंत्रालय के अनुसार राजस्थान के 21 जिले, मध्य प्रदेश के 18 जिले, गुजरात के दो जिले और पंजाब के एक जिले में अब तक टिड्डी दल पर काबू पाने के लिए कदम उठाये गए हैं . मंत्रालय ने ब्रिटेन से 60 अतिरिक्त स्प्रेयर की खरीद को मंजूरी दे दी है, ताकि खेतों पर रसायनों को स्प्रे कर टिड्डियों के हमले को रोका जा सके, राजस्थान के कृषि विभाग ने जयपुर जिले में टिड्डियों को नियंत्रित करने के लिए कीटनाशक के छिड़काव के लिए एक ड्रोन की मदद ली. जयपुर जिले के चौमू के पास सामोद में ड्रोन का उपयोग किया गया. ड्रोन किराए पर लिए गए हैं, संयुक्त राष्ट्र के निकाय खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के अनुसार, टिड्डियों के हमले से प्रभावित देशों के लिए खाद्य सुरक्षा को खतरा पैदा होता है क्योंकि वयस्क टिड्डी अपने दो ग्राम के वजन के बराबर हर एक दिन में वनस्पति खा सकते हैं

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