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मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को जोशीमठ-मलारी टू-लेन पुल का लोकापर्ण किया

जितेंद्र पंवार, वरिष्ठ पत्रकार

जोशीमठ-मलारी टू-लेन राज्यमार्ग और पुनार पुल का लोकापर्ण कर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सीमांत वासियों को बडी सौगात दी है। इस मोटर मार्ग से जहाॅ भारत-तिब्बत सीमा पर आवगमन आसान होगा वही सीमांत क्षेत्र के दर्जनों गांवों को इस सड़क से लाभ मिलेगा। इस अवसर पर सेना के गढवाल स्काउट बैंड ने मधुर धुन बजाकर तथा स्थानीय महिलाओं ने पौणा नृत्य से मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को जोशीमठ के सीमांत क्षेत्र में सीमा सड़क संगठन द्वारा 265 करोड़ की लागत से निर्मित 62.66 किमी. जोशीमठ-मलारी टू-लेन राज्यमार्ग और 494.30 लाख लागत से निर्मित पुनार पुल का लोकापर्ण किया। उन्होंने सीमा सडक संगठन द्वारा निर्धारित समय से पहले मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा करने पर बधाई दी और बीआरओ के कार्यशौली की जमकर सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आचार्य डा0 प्रदीप सेमवाल द्वारा ज्योतिष एवं आपदा पर लिखी पुस्तक का विमोचन भी किया। वही जनपद फिस आउटलेट वैन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान बद्रीनाथ विधायक महेन्द्र भट्ट, बीकेटीसी अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर बिष्ट आदि मौजूद रहे।

लोकापर्ण कार्यक्रम में जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण ही दूरस्थ क्षेत्रों की परिकल्पना से हुआ है और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए उनकी सरकार हमेशा तत्पर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 27 विकासखण्डों की सीमाएं अन्तराष्ट्रीय सीमा से जुडी है और इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए अगले साल से राज्य में सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल्द ही भूमि बंदोबस्ती की व्यवस्था की शुरूवात की जा रही है,  ताकि सैकडों साल से गांव में रह रहे लोगों को उनके अधिकार मिल सके। बताया कि पहले चरण में दो जिलों से इसकी शुरूआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण की पेंशन योजनाओं की धनराशि को भी 1 हजार से बढाकर 12 सौ रुपये किया गया है ताकि पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को अच्छा लाभ मिल सके।

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