Uttarakhand News | उत्तराखंड की ताजा खबरें

दो दिन में 500 डाक्टरों की नियुक्ति करेगी सरकार

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते खरते को देखते हुए उत्तराखंड सरकार दो दिन में 500 डाक्टरों की नियुक्ति करेगी. उत्तराखंड मेडिकल चयन बोर्ड के माध्यम से 314 विशेषज्ञ डाक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया लगभर पूरी हो चुकी है. विभाग ने इंटरव्यू के माध्यम से 168 डाक्टरों का चयन किया है ।
डाक्टरों की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार ने राजकीय मेडिकल कालेजों को नियुक्ति का अधिकार दिया है, जिससे देहरादून, श्रीनगर और हल्द्वानी मेडिकल कालेजों में डाक्टरों की नियुक्ति की की जाएगी । सरकार जल्द ही सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में 12 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करेगी। 

वर्तमान में पूरे प्रदेश में 2100 और 1500 नर्स कार्यरत हैं. इसके अलावा कोरोना से निपटने के लिए बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग की छात्राओं की विकल्प के रूप में सेवाएं लिए जाने का भी निर्णय लिया गया है.कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए वर्तमान में 1315 डाक्टरों एवं 850 स्टाफ नर्सों को ड्यूटी पर लगाया गया है. इसके अलावा लगभग 28 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई है, जिनमें दस हजार से अधिक आशा कार्यकत्रियां भी शामिल हैं । सरकार ‘मेरा सामाजिक दायित्व’ कार्यक्रम शुरू कर रही है। इसके तहत प्राइवेट डॉक्टरों से वार्ता कर उनकी सेवाएं सरकारी अस्पतालों में भी ली जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी पर है। रामनगर, सल्ट और टिहरी के सरकारी अस्पतालों को पीपीपी मोड में सौंपने के बाद 33 डॉक्टरों का क्लस्टर बनाया जाएगा। प्रदेश में एक हजार से अधिक डॉक्टरों की नियुक्ति कर 75 फीसदी रिक्त पद भरे जा चुके हैं। टेलीमेडिसिन, टेली कार्डियोलॉजी और टेली रेडियोलॉजी जैसी सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।

वहीं, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने निजी अकाउंट से सीएम राहत कोष में 1 लाख रुपए की राशि दी है। जबकि, मुख्यमंत्री विधायक निधि से 15 लाख रुपए की राशि कोरोना वायरस से बचाव के लिए स्वीकृत किए हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच राज्य सरकार ने कुछ नंबर भी जारी किए हैं ताकि लोग इन नंबर के जरिए अपनी समस्याओं का समाधान कर सकें। सरकार ने लैंडलाइन नंबर 0135-12722100, और व्हाट्सअप नंबर 9997954800 जारी किया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.