Uttarakhand News | उत्तराखंड की ताजा खबरें

बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा कांग्रेस सांसद राज बब्बर का गोद लिया गांव

जनप्रतिनिधियों के गोद लिए आदर्श गांव आदर्श तो नहीं बन सके, लेकिन बदहाली की तस्वीर जरूर बन गए हैं। अब गैरसैंण के सांसद आदर्श गांव लामबगड़ को ही देख लें। इस गांव को राज्यसभा सांसद राज बब्बर ने गोद लिया था। कहा था कि गांव का विकास कराएंगे, ये होगा, वो होगा, पर हुआ कुछ नहीं। गांवों का विकास बस कागजों में हो रहा है।

इस संबंध में राज्यसभा सदस्य राजबब्बर के प्रतिनिधि मोहन नेगी ने सचिवालय में हुई बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सामने भी सारी बातें रखीं। जिसके बाद मोहन नेगी ने मीडियाकर्मियों से मुलाकात की और सांसद आदर्श गांव की बदहाली की दास्तां सुनाई। उन्होंने कहा कि गांव में मानसिंह और बिछली देवी ने दो साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया था, लेकिन आज तक उनका आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ। 18 दिसंबर 2014 को पूर्व राज्य सभा सदस्य मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने यह गांव गोद लिया था।

मनोरमा शर्मा के निधन के बाद प्रदेश से राज्यसभा सदस्य बने राजबब्बर ने यह गांव 2015 में गोद ले लिया। 224 परिवारों के इस गांव में बिजली तो जरूर घर-घर पहुंची, लेकिन बाकी सारे काम अधूरे पड़े हैं। शौचालयों की मांग की गई थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.