Uttarakhand News | उत्तराखंड की ताजा खबरें

कोरोना लॉकडाउन अपडेट : तीन मई तक बढ़ा लॉकडाउन, प्रधानमंत्री ने की सहयोग की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है. आज सुबह राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने यह घोषणा की. प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि बढ़ाना जरूरी है. प्रधानमंत्री ने 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान सहयोग के लिए देशवासियों का आभार भी जताया.

प्रधानमंत्री के संबोधन की प्रमुख बातें

प्यारे देशवासियों, कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई बहुत ही मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है. देशवासियों की तपस्या और त्याग की वजह से कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोकने में सफलता मिली है.

आप लोगों ने कष्ट सहकर भी देश को बचाया है. मैं जानता हूं, आपको कितनी दिक्कतें आई हैं, किसी को खाने की परेशानी, किसी को आने जाने की परेशानी, कोई घर परिवार से दूर है, लेकिन आप देश के खातिर एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं. मैं आप सबको आदर पूर्वक नमन करता हूं.

वी द पीपल ऑफ इंडिया, बाबा भीमराव अंबेडकर की जन्मदिवस पर अपनी सामूहिक संकल्प का प्रदर्शन यह सच्ची श्रद्धांजलि है. मैं सभी देशवासियों की तरफ से बाबा साहब को नमन करता हूं. मैं नए वर्ष पर आपके और आपके परिवारजन के उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करता हूं.”

अन्य देशों के मुकाबले भारत ने कैसे अपने यहां संक्रमण को रोकने के प्रयास किए हैं. आप इसके सहभागी भी रहे हैं और साक्षी भी.

जब हमारे यहां कोरोना का एक भी केस नहीं था, उससे पहले ही कोरोना प्रभावित आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दिया था. विदेश से आने वाले लोगों को 14 दिन का आइसोलेशन शुरू कर दिया गया था.

जब हमारे यहां कोरोना के सिर्फ 550 केस थे, तभी भारत ने 21 दिन का लॉकडाउनक का बहुत बड़ा कदम उठा लिया था. भारत ने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया, बल्कि समस्या दिखने पर तेजी से फैसले लेकर उसी समय रोकने का भरसक प्रयास किया.

साथियों यह एक ऐसा संकट है, जिसे किसी भी देश के साथ तुलना करना सही नहीं है, लेकिन अगर-अगर दुनिया के बड़े-बड़े सामर्थ्यवान देशों की तुलना में भारत बहुत संभली हुई स्थिति में है.

महीना-ढ़ेड महीना पहले कोरोना संक्रमण के मामले में एक प्रकार से भारत के बराबर खड़े थे. आज उन देशों में भारत की तुलना में 25 से 35 गुना ज्यादा बढ़ गए हैं.

भारत ने होलिस्टिक और इंट्रीग्रेटेड अप्रोच न अपनाई होती तो आज भारत की स्थिति को देखते तो रोंए खड़े हो जाते.

सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का भारत को बहुत बड़ा लाभ देश को मिला है. अगर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है. लेकिन लोगों की जान की कीमत बहुत है.

24 घंटे हर किसी ने अपना जिम्मा संभालने के लिए लोग आगे आए हैं. विश्वभर में हेल्थ एक्सपर्ट और सरकारों को और ज्यादा सतर्क कर दिया है. भारत में भी अब लड़ाई कैसे आगे बढ़ें और हम विजयी कैसे हो, हमारे यहां नुकसान कैसे कम हो और लोगों की दिक्कतें कैसे कम हो. इसे लेकर सभी राज्यों के सरकारों और नागरिकों की मानें तो लॉकडाउन को बढ़ाने का सुझाव है.

लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला लिया है. 3 मई तक लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला लिया है.

कोरोना वायरस को अब किसी भी नई जगह तक नहीं फैलने देना है. नए हॉटस्पॉट का बनना हमारे परिश्रम और तपस्या को और चुनौती देगा. इसलिए अगले एक सप्ताह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और बढ़ाई जाएगी.’

20 अप्रैल तक हालात पर और कड़ी नजर रखी जाएगी और अगर कहीं हालात सुधरते हैं तो वहां आवागमन में थोड़ी छूट दी जा सकती है. लेकिन अगर हालात फिर बिगड़े तो यह छूट फिर वापस ले ली जाएगी.

देश में राशन से लेकर दवा तक का पर्याप्त भंडार है. अब देश में 220 से भी ज्यादा टेस्टिंग लैब काम कर रही हैं. देश में एक लाख बेडों की व्यवस्था की जा चुकी है. 600 ऐसे अस्पताल हैं जो सिर्फ कोविड-19 के लिए काम कर रहे हैं.

Leave A Reply

Your email address will not be published.