Uttarakhand News | उत्तराखंड की ताजा खबरें

इंजीनियरिंग की तीन स्टूडेंट का कमाल! 600 से ज्यादा गरीब लोगों का भरा पेट

उत्तराखंड की तीन बेटियां आजकल सेवा की मिसाल पेश कर रही हैं। खुद की जेब ठंडी है लेकिन दूसरों के जेब के पैसे निकाल गरीब और असहाय लोगों की सेवा करने में लगी हैं। इन तीनों बेटियों की तारीफ ये है कि ये ट्रेनी इंजीनियर हैं। जिनमें से दो नैनीताल की जबकि एक राजस्थान की रहने वाली हैं। खास बात ये है कि बेटियां जिस दर पर गरीबों की मदद के लिए हाथ फैला रही हैं वहां लोग खुशी-खुशी इनकी झोली भर रहे हैं। गरीब लोग इन्हें तीन देवियां भी कह रहे हैं। जो संकट के इस मुश्किल दौर में न सिर्फ गरीब और दाने-दाने को मोहताज लोगों के लिए दो जून की रोटी का जुगाड़ कर रही हैं बल्कि उन्हें कोरोना से बचने के उपाय भी बता रही हैं।

615 परिवारों की मदद कर चुकी हैं तीन देवियां 

नैनीताल की रहने वाली तीन इंजीनियर स्टूडेंट ऋचा बिष्ट, सौम्या पांडे, अदिति नेगी। ये तीनों द्वाराहाट के इंजीनियर कॉलेज में पढ़ती हैं। देश में करोना जैसी भयंकर बीमारी को देखते हुए इन्होंने ठान लिया कि हम भी इस मारामारी से लड़ेंगे और इससे निपटने के लिए पूरी तरह से अपना योगदान देंगे। कोरोना के दौरान तीनों लड़कियां घर की चाहरदीवारी में न बंद होकर नैनीताल के सक्षम लोगों से फंड एकत्रित करना शुरू किया। और उस फंड से राशन खरीद कर गरीबों तक राशन पहुंचाने की एक मुहिम शुरू की। जो आज खूब रंग ला रही है।
लॉकडाउन के चलते तीनों लड़कियों ने पुलिस से मदद मांगी।  पुलिस ने उनकी सहायता करते हुए उनकी इस मुहिम में उनका पूरा साथ दिया। तल्लीताल थाने में सब इंस्पेक्टर दिलीप कुमार और उनकी टीम ने तीनों इंजीनियर स्टूडेंट के साथ जाकर हर गांव में गरीबों को राशन उपलब्ध कराने में  तीनों स्टूडेंट की  मदद की। तीनों लड़कियों की इस हिम्मत और सेवाभाव की हर कोई तारीफ कर रहा है। अभी तक कि से बच्चियां सात गांव में जाकर 615 परिवारों को राशन उपलब्ध करा चुकी हैं। साथ ही लोगों को कोरोना से निपटने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व भी समझा रही हैं। कुमाऊं के डीआईजी जगतराम जोशी ने तीनों लड़कियों को कोरोना वॉरियर का नाम दिया है।

(नैनीताल से पवन कुंवर की रिपोर्ट)

Leave A Reply

Your email address will not be published.