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चंपावत में घर में क्वारंटीन लड़की की संदिग्ध मौत

चंपावत जिले के पाटी ब्लॉक के लधियाघाटी स्थित बालातड़ी में सात दिन संस्थागत के बाद होम क्वारंटाइन में रह रही 17 वर्षीय एक किशोरी  की मंगलवार रात अचानक मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग मृतका का कोरोना सैंपल लेने की तैयारी में जुट गया है। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। वह लड़की कुछ समय पूर्व ही रुद्रपुर से लौटी थी। गांव पहुंचने के बाद उसे स्कूल में सात दिन के लिए क्वारंटाइन किया गया था। उसके बाद उसे होम क्वारंटाइन भेजा  गया था। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि होम क्वारंटाइन में रह रही उस लड़की को खून की कमी थी।  उसे अचानक चक्कर आया और उसने दम तोड़ दिया। सीएमओ ने बताया कि मृतका का सेंपल लेने के लिए जिला अस्पताल से लैब तकनीशियन समेत डॉक्टरों की टीम गांव भेजी जा रही है।

सांप के डंस से मृत बच्ची के परिजनों को मुआवजे का मरहम 

नैनीताल के बेतालघाट ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय तल्ली सेठी में बनाए क्वारंटाइन सेंटर में सर्पदंश से मारी गई बच्ची के परिजनों को वन विभाग की ओर से बुधवार को तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। डीएम के निर्देश तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर विभाग ने परिजनों को चेक सौंपा। उक्त चेक क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्या ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिजनों को सौंपा।बता दें कि 25 मई को बेतालघाट के तल्ली सेठी स्थित क्वारंटाइन सेंटर में सांप के डसने से महेंद्र सिंह की छह वर्षीय बेटी अंजलि की मौत हो गई थी। दिल्ली से घर लौटे परिवार को यहां प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटाइन किया गया था। जिसके बाद डीएम सविन बंसल ने उक्त मामले में लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ केस करने तथा प्रभावित परिवार को मुआवजा देने के निर्देश दिए थे। इस मामले में तीन अफसरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इधर बुधवार को डीएफओ बीजूलाल टीआर की ओर से प्रभावित परिवार को मुआवजे के रूप में तीन लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई। वनक्षेत्राधिकारी तनुजा परिहार ने बताया कि बुधवार को प्रभावित परिवार को तीन लाख का चेक सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार से अन्य समस्याओं को लेकर भी प्रशासन को जानकारी देने को कहा गया है।

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