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हल्द्वानी-लालकुआं में इस रेट मिलेंगे आटा-फल-सब्जी 

हल्द्वानी।। लॉक डाउन के दौरान कुमाऊं के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी और उसके करीब लालकुआं में अब दुकानदार तय रेटों पर ही आटा-फल और सब्जी बेच सकेंगे। ऐसा न करने पर दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। नैनीताल के डीएम सविन बंसल ने इसको लेकर कड़ा कदम उठाया है। डीएम के फरमान पर एसडीएम हल्द्वानी विवेक राय ने आटा, फल और सब्जियों के दाम तय कर दिए हैं। हल्द्वानी और उसके आस-पास अगर कोई भी दुकानदार तय दामों से ज्यादा बेचता पकड़ा गया को ग्राहक पूर्ति विभाग या सीधे एसडीएम से शिकायत कर सकता है।  डीएम सविन बंसल के मुताबिक उन्हें मनमाने दामों से जुड़ी शिकायतें मिल रही थी। जिसके बाद ये रेट तय करने का फैसला लिया है। डीएम ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा है कि जो भी इन दामों से ज्यादा रेट वसूलेगा उसकी जगह जेल में होगी।

जानें किस भाव मिलेगा आटा 

आटे के रेट ब्रांड के अनुसार अलग-अलग हैं। जिसमें आंचल, बेलवाल और भगवती भोग 27, महावीर भोग आटा 26,  गोपाल भोग, राधे गोपाल 24, बाल गोपाल 22 रुपये किलो मिलेगा।

फल और सब्जी के दाम भी हुए तय

बैठक में सब्जी और फल के दाम तय किए गए हैं। जिसमें आलू 20 से 23, प्याज 15 से 16, गोभी 15 से 20, लौकी 10 से 15, मटर 30 से 40, बीन 18 से 22, भिण्डी 35 से 40, अदरक 75 से 85, टमाटर 15 से 20, लहसुन 75 से 85, शिमला मिर्च 12 से 15, करेला 30 से 35, बैगन 12 से 16 कद्दू, 10 से 12 खीरा, 12 से 20, तुरई 12 से 20 प्रति किलो तक बिक सकती है। जबकि फलों में संतरा के दाम 35 से 60, अंगूर 35 से 50, पपीता 30 से 40, सेब 60 से 110, तरबूज 15 से 20  और खरबूज 35 से 40  ​प्रति किलो तय किए गए।

इस बैठक में हुआ फैसला

लॉकडाउन के बीच सब्जियों, फल और आटे की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने को रविवार प्रशासन, मंडी अध्यक्ष,  पूर्ति विभाग, गल्ला एसोसिएशन और फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन की  बैठक हुई। बैठक में मंडी समिति अध्यक्ष मनोज साह, उपाध्यक्ष राजेन्द्र रैकुनी, अध्यक्ष मर्चेंट गल्ला एसोसिएशन तरुण बंसल, महावीर फ्लोर मिल के मालिक सुरेश मित्तल, मंडी समिति सचिव विश्वविजय सिंह देव, डीएसओ मनोज वर्मन, सप्लाई इंस्पेक्टर रवि सनवाल मौजूद रहे।

इसलिए तय किए गए दाम 

लॉक डाउन के बीच कुमाऊं के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी से लगातार दुकानदारों की मनमानी की खबरें आ रही थी। विशेषकर परचून के थोक और फुटकर दोनों विक्रेता ग्राहकों से लूट-खसोट में जुटे थे। थोक वाले बिना बिल के ही फुटकर विक्रेताओं से मनमाने दाम वसूल रहे थे। जिसका असर आटे के फुटकर रेट पर पड़ रहा था। आटे का रेट 35 रुपये किलो तक पहुंच गया था।

(Satyavoice.com के लिए संवाददाता पवन कुंवर की रिपोर्ट)

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