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यहां नहीं आ सकते विदेशी यात्री, अपनी खूबसूरती और शांत वातारण के लिए प्रसिद्ध है ये छावनी क्षेत्र

देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून जनपद में स्थित चकराता प्रकृति की वास्तविक सुंदरता से लबालब एक छावनी क्षेत्र है। अगर आप यहां एक बार आए तो यहां की खूबसूरती आपके मन में बस जाएगी। आपको बता दें कि यह क्षेत्र 24 घंटे सेना की देखरेख में रहता है। यहां किसी भी विदेशी यात्री का आना सख्त मना है। टौंस नदी और यमुना नदी के बीच बसा यह क्षेत्र, ब्रिटिश इंडियन आर्मी का छावनी क्षेत्र था।

अपने शांत और प्रदूषण रहित माहौल के लिए जाना जाता चकराता, देहरादून से लगभग 7000 फुट (2118 मीटर) की ऊंचाई पर 98 किलोमीटर दूर स्थित है। एक विशाल घने जंगल, जौनसारी जनजाति के आकर्षक गांवों के साथ बिंदीदार, इस क्षेत्र में 10,000 फीट (3084 एमटीएस) खराम्बा के उच्च शिखर है इसकी उत्तरी ढलानों पर मुंदली 9000 फीट (2776 मीटर) स्थित है जहां नवंबर से अप्रैल के महीनों में स्कीयर स्कीइंग का आनंद ले सकते हैं।

आपको बता दें कि चकराता छावनी क्षेत्र की खासियत यह है कि यह शहर अभी भी आधुनिक सुख सुविधाओं से दूर है। सबसे कम जनसंख्या वाले इस क्षेत्र में आपको रहने के लिए होटल भी गिने चुने ही मिलेंगे। शायद 2 या 4 होटल। सेना की कड़ाई के वजह से भी इस क्षेत्र की खूबसूरती अब तक कायम है। उत्तराखंड और हिमाचल की सीमा पर बसे होने के कारण चकराता की संस्कृति में हिमाचली संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। जौनसार-बावर क्षेत्र में बंटे चकराता के लोग बाहर से आने वाले की आव-भगत में कोई कसर नहीं छोड़ते।

समुद्रतल से 2270 एमटीएस ऊंचाई पर स्थित चकराता देहरादून जिले की सबसे खूबसूरत जगह के रूप में प्रसिद्ध है। यहां पर हर साल भारी बर्फबारी होती है। जिसके चलते यहां सैलानियों का जमावड़ा लगता है। चकराता जाने के लिए अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर का समय सबसे बेहतर है।

घूमने के लिहाज से चकराता से करीब 17 किमी की दूरी पर टाइगर फॉल बेहद सुंदर जगह है। यह फॉल इतना सुंदर है कि यहां से वापस आने का ही मन न करे। टाइगर फॉल तक पहुंचने के लिए आपको सड़क से करीब डेढ़ किमी पैदल खड़ी ढलान पर उतरना होगा। सड़क पर ही आपको यहां आसपास के गांवों के बच्चे मिल जाएंगे जो आपका सामान ढोने के लिए तत्पर रहते हैं। 100-200 रुपये में वे आपको वापस सड़क तक पहुंचा जाते हैं।

चकराता अपने शांत वातावरण और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण के लिए जाना जाता है। समुद्र तल से 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह नगर देहरादून 98 किलोमीटर दूर है। चकराता प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकिंग में रुचि लेने वालों के लिए एकदम उपयुक्त स्थान है। यहाँ के सदाबहार शंकुवनों में दूर तक पैदल चलने का अपना ही मजा है।

चकराता के पास ही बूढ़ेर है ये घास का बड़ा मैदान है। ये जगह ठंड के समय बर्फ से ढंक जाती है यहा आप ठंड के खेलों का भी आनंद उठा सकते है… यह मैदान देवदार के घने जंगलों से घिरा हुआ है जो एशिया के सबसे घने जंगलों में से एक है। वहीं, चिरमिरी चकराता मार्केट से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर है। यह क्षेत्र सूर्यास्त के नजारे का सबसे उत्तम दृश्य का अनुभव कराता है।

कैसे जाएं

आपको बता दें कि दिल्ली और उत्तराखंड के कई मुख्य क्षेत्रों से चकराता तक के लिए कई बसों की सुविधाएं उपलब्ध हैं। आप अपनी गाड़ी से भी चकराता जा सकते हैं। अगर आप ट्रेन से जाना चाहते हैं तो देहरादून रेलवे स्टेशन तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद बस या ट्रैक्सी से चकराता पहुंचा जा सकता है।

  • बाय एयर
    जॉली ग्रांट हवाई अड्डे चकराता से 113 किमी की दूरी पर स्थित चकराता के निकटतम हवाई अड्डा है। जॉली ग्रांट हवाई अड्डे से चकराता तक टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं। जॉली ग्रांट एयरपोर्ट अच्छी तरह से दैनिक उड़ानों के साथ दिल्ली से जुड़ा हुआ है और चकराता के साथ मोटर सड़कों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

 

  • ट्रेन से
    चकराता के निकटतम रेलवे स्टेशन देहरादून रेलवे स्टेशन है। देहरादून से चकराता तक की दूरी 87 किलोमीटर है देहरादून से चकराता तक टैक्सी और बस आसानी से उपलब्ध हैं। देहरादून भारत के प्रमुख स्थलों के साथ रेलवे नेटवर्क से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। शताब्दी एक्सप्रेस और मसूरी एक्सप्रेस भारत के प्रमुख शहरों के साथ देहरादून को जोड़ने वाली दो प्रमुख ट्रेन हैं और इसमें अमृतसर, हावड़ा, बॉम्बे, दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी आदि जैसे सभी महत्वपूर्ण शहरों के साथ उत्कृष्ट रेल नेटवर्क है।

 

  • सड़क से
    चकराता सड़क नेटवर्क के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। चूंकि उत्तराखंड में हवाई और रेल संपर्क सीमित है, सड़क नेटवर्क सबसे अच्छा और आसानी से उपलब्ध परिवहन विकल्प है। आप या तो चकराता के लिए ड्राइव कर सकते हैं या एक टैक्सी ध् टैक्सी को किराए के लिए दिल्ली या किसी भी दूसरे शहर के चकराता तक पहुंच सकते हैं।
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