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गंगोत्री-यमुनोत्री के खुल गए कपाट, फिलहाल श्रद्धालुओं को रखा गया है दूर

सत्य वॉयस डेस्क

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही आज विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का भी आगाज हो गया है। शुभ मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर गंगोत्री धाम और 12 बजकर 41 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट खोल दिए गए हैं। हालांकि कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन की वजह से इस यात्रा से फिलहाल श्रद्धालुओं को दूर रखा गया है। इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी अक्षय तृतीया महापर्व की शुभ बेला पर मंदिर समिति गंगोत्री को 1100 रुपये दान स्वरूप दिए। वहीं, धाम में पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से हुई। इस दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, सह सचिव राजेश सेमवाल, अध्यक्ष गंगा पुरोहित सभा पवन सेमवाल, सदस्य मंदिर समिति, राकेश सेमवाल, सचिव मंदिर समिति,दीपक सेमवाल, एसडीएम देवेंद्र नेगी, पुलिस उपाधीक्षक कमल सिंह पंवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डीपी जोशी भी मौजूद रहे।

इससे पहले आज सुबह मां यमुना की डोली खरसाली से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई थी। इस दौरान उन्हें विदा करने के लिए भाई शनिदेव की डोली भी निकली। परंपरा के अनुसार मुखबा गांव से मां गंगा की भोग मूर्ति को डोली यात्रा को शनिवार को ही गंगोत्री धाम के लिए रवाना कर दिया गया था। भैरोंघाटी स्थित प्राचीन भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद डोली यात्रा आज दोपहर तक गंगोत्री धाम पहुंची।

पूजा में 21-21 तीर्थ पुरोहित ही हुए शामिल

कोरोना संक्रमण की आशंका के मद्देनजर लॉकडाउन की पाबंदियों के चलते इस बार केवल 21-21 तीर्थ पुरोहित कपाटोद्घाटन में शामिल हो सके। डोली यात्रा के लिए भी यही प्रावधान किया गया था। डोली यात्रा के दौरान शारीरिक दूरी के नियम का भी पालन किया गया। डीएम डॉ. आशीष चौहान और पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट ने बताया कि चार धाम यात्रा अभी प्रतिबंधित है। रविवार को भी जब डोली निकाली गई तो दो लोग ही डोली लेकर चले। उनके साथ दो से तीन और लोग सोशल डिस्टेंस बनाकर धाम के लिए रवाना हुए थे।

सभी पुरोहितों को किया गया मेडिकल परीक्षण

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस एवं देशव्यापी लॉकडाउन के चलते भारत सरकार के दिशानिर्देश के अनुरूप दोनों धामों के कपाट सादगीपूर्ण तरीके से खोल दिए गए। इससे पहले, दोनों धामों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीपी जोशी के नेतृत्व में मेडिकल टीम द्वारा कपाट खुलने के समारोह में शामिल सभी तीर्थ पुरोहितों का मेडिकल परीक्षण किया गया। साथ ही मौके पर सैनेटाइजर, मास्क आदि की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई थी।

जाने कब खुलेंगे केदारनाथ-बदरीनाथ

उच्च गढ़वाल हिमालय के चारधाम के नाम से मशहूर दो अन्य धामों के कपाट भी जल्द खोले जाएंगे. केदारनाथ के कपाट जहां 29 अप्रैल को खुलेंगे। वहीं बदरीनाथ के कपाट 15 मई को खुलेंगे। सर्दियों में भीषण बर्फबारी और ठंड की चपेट में रहने के कारण चारों धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं जो अगले साल अप्रैल-मई में फिर खोल दिए जाते हैं।

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