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शीतकालीन अवकाश निरस्त करने पर भड़का राजकीय शिक्षक संघ

पिथौरागढ़: शिक्षक समाज के कड़े ऐतराज के बावजूद शासन द्वारा माध्यमिक विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश निरस्त करने का आदेश जारी करने से शिक्षक वर्ग आक्रोशित है। राशिसं ने शासन के इस आदेश का पुरजोर विरोध करते हुए इसे शिक्षकों के साथ घोर अन्याय है।

राशिसं ने कहा कि शिक्षकों ने वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के इस बेहद कठिन समय में अपने कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक पालन करते हुए कोविड 19 की विभिन्न ड्यूटियों के साथ-साथ आनलाइन शिक्षण कार्य भी किया है। इसमें अनेक शिक्षक, शिक्षिकाएं ऐसे हैं जो साल भर से अपने घरों तक नहीं जा सके हैं। यह उन सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ अन्याय व अत्याचार है।

राशिसं ने कहा है कि आज जब पहाड़ों में भीषण सर्र्दी पड़ रही है। बारिश होने पर अनेक क्षेत्रों में हिमपात की संभावना है। साथ ही कोविड 19 बीमारी का संक्रमण प्रतिदिन बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यालयों में भी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति न्यून होती जा रही है। ऐसे समय में इस तरह के तुगलकी फरमान जारी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। राशिसं की जिला कार्यकारिणी ने इन आदेशों का विरोध किया है और प्रांतीय कार्यकारिणी द्वारा शासन के इस अन्याय पूर्ण आदेश को निरस्त कराने की दिशा में लिए जाने वाले किसी भी फैसले में उनके साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ी है। राशिसं की बैठक में जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी, जिला मंत्री प्रवीण रावल, उपाध्यक्ष सीबीएस कन्याल, निरंजना पांडेय, विक्रम दिगारी, रेनू कुंवर, मोहित बिष्ट, गंगा पंत, हरि दत्त पुजारी, किशोर साह, मनोज पांडेय, दिनेश ओझा, भाष्करानंद जोशी आदि कर्मचारी उपस्थित थे।

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