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कानपुर में छावनी बोर्ड करा रहा गुंडों से टैक्स की वसूली

कानपुर में छावनी परिषद गुंडों से अपने टैक्स की वसूली करा रहा कॉमर्शियल गाड़ियों से ये गुंडे पैसे इस तरह से पैसे वसूलते हैं मानों उन्होने कैन्टोमेंट बोर्ड के क्षेत्र में प्रवेश करके कोई बड़ा अपराध कर दिया हो, बोर्ड उन ठेकेदारों से इस टैक्स की वसूली कराता है जिनके पास गुंडों की टोली हो और वो दो जून की रोटी की तलाश में निकले ड्राइवरों से बेढंगे तरीके पैसा वसूलने में सक्षम हो, सड़क पर वसूली करते हुए ठेकेदार के ये गुंडे किसी कॉमर्शियल गाड़ी पर इस तरह से टूटते हैं जैसे उस गाड़ी ने किसी को टक्कर मार दी हो, वो भूल जाते हैं कि गाड़ी के अंदर कौन बैठा है भले आप फैमली के साथ हो या फिर अकेले, गुंडे गाड़ी पर इस तरह से हाथ मारते हैं कि अगर पैसा न दिया तो वो गाड़ी ही तोड़ डालेंगे।सड़क पर ट्रैफिक से उन्हे कोई मतलब नहीं होता उन्होने कहा तो गाड़ी रोको वरना ठीक नहीं होगा फिर चाहे सड़क पर जाम ही क्यों न लग जाये।

कुछ सालों से हो रही गाड़ियों से वसूली

कानपुर के छावनी इलाके में रहने वाले लोग बताते हैं कि ये वसूली अभी कुछ सालों से हो रही है इससे उन्हे आर्थिक हानि तो हो ही रही है साथ ही वसूली के चक्कर में कई बार उन्हे परेशानी भी झेलनी पड़ती है कई बार ठेकेदार के गुंडों से पैसेंजर की भी नोकझोंक हो जाती है।

जब अधिवक्ता को उठानी पड़ी परेशानी

वाक्या 6 जनवरी का रात करीब 11.45 का है, कानपुर में पली बड़ी प्रियंका शुक्ला बताती हैं कि वो रात को फैमली के साथ माल रोड से शुक्लागंज अपने रिश्तेदार के यहां वापस जा रहीं थी तो शुक्लागंज नया पुल के करीब ये गुंडे घात लगाये बैठी उस गाड़ी का इंतजार कर रहे थे जिस गाड़ी में प्रियंका अपनी फैमली के साथ आ रहीं थीं तभी इन गुंडों ने उनकी गाड़ी का शीशा पीटना शुरु कर दिया इस दौरान वो अपने 3 साल के भांजे को गोद में लिये हुईं थीं बच्चा गुंडों की हरकत को नहीं भांप पाया और बुरी तरह डर के रोने लगा परिवार के बाकी लोग भी हैरत में पड़ गये कि आखिर क्या हो गया और कौन हैं वो लोग जो गाड़ी का शीशा पीट रहे हैं। घटना के बाद गुंडों और अधिवक्ता के बीच तीखी तकरार हुई लेकिन जब उन्हे पता चला कि बयाना गलत हो गया तो सरेंडर हो गये और माफी मांग ली।

 

 

 

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