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हल्द्वानी नगर निगम वासियों को अब तीन श्रेणी में देना होगा घर का कूड़ा

हल्द्वानी: नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 की तैयारी शुरू कर दी है। जनवरी पहले सप्ताह में शहर के चैराहों, मुख्य सड़कों, बस व रेलवे स्टेशन, रोटरी आदि पर स्वच्छता जागरूकता के लिए होर्डिंग, क्योक्स लगाने की तैयारी है। इस बार नए वार्डों में भी स्वच्छता का पाठ पढ़ाते होर्डिंग लगाए जाएंगे। नगर निगम की सीमा शुरू होने वाले प्रमुख मार्गों में होर्डिंग लगाए जाएंगे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनोज कांडपाल ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार सिटीजन का अहम रोल है। इसलिए शहरवासियों को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार की योजना बनाई गई है। नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया ने बताया कि शहर का प्रदर्शन पिछली बार से बेहतर हो, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। नागरिकों के सहयोग से शहर बेहर प्रदर्शन कर सकता है।

नगर निगम प्रशासन शहरवासियों से कचरे को अलग-अलग देने की अपील कर रहा है। गीला कचरा जैसे किचन के अवशेष के लिए हरे कूड़ेदान में देना होगा। सूखा कूड़ा नीले कूड़ेदान में देना होगा। परिसंकटमय कूड़ा यानी जिससे चोटिल होने का खतरा हो उसे अलग देने की अपील की है। पुराने सीएफएल, एलइडी, नुकीली वस्तुएं टार्च बैटरी आदि परिसंकटमय कूड़े की श्रेणी में आते हैं। वहीं, स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार डायरेक्ट आब्जरवेशन को हटाते हुए इसे पब्लिक फीडबैक से जोड़ा गया है। यानी सर्वे के लिए आने वाली टीमें आम लोगों से चर्चा कर उनके फीडबैक के आधार पर शहर की सफाई का आकलन करेंगी। पूछा जाएगा कि शहर धूल और कचरा मुक्त है या नहीं। शहर में डस्टबिन के इंतजाम, सार्वजनिक शौचालय की उपलब्धता व उनकी स्वच्छता देखी जाएगी। नई गाइडलाइन के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है।

ये हैं नई श्रेणी
सिटीजन वाइज रू इसके 1800 अंक होंगे। फीडबैक, इंगेजमेंट, एक्सपीरिएंस, स्वच्छता एप और इनोवेशन के आधार पर अंक दिए जाएंगे।
सर्विस लेवल प्रोग्राम रू इसके 2400 अंक हैं। कूड़े को अलग-अलग करना, उसका निस्तारण और सैनिटाइजेशन इसमें शामिल है।
सर्टिफिकेशन रू इसके लिए भी 1800 अंक तय हैं। कूड़ा मुक्त शहर, ओडीएफ और जलापूर्ति। सीवरेज ट्रीटमेंट आदि के आधार पर अंक दिए जाएंगे।

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