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लॉकडाउन में परिवार ना हो जाएं स्ट्रेस इटिंग के शिकार

कुलदीप तोमर

घर में रहकर यदि अनियमित तरीके से खाना खा रहे हैं तो यह एक तरीके से स्ट्रेस इटिंग की शुरूआत ही है। स्ट्रेस इटिंग एक प्रकार की मानसिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति कोई काम ना होने पर या बोर महसूस करने पर खाना शुरू कर देता है मतलब कि जब भूख नही है तब भी सिर्फ टाइम पास के लिए कुछ ना कुछ खाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि स्ट्रेस इटिंग के बाद लोगों का स्ट्रेस कम जरूर होता है लेकिन यह शरीर के लिए काफी हानिकारक साबित हो सकता है और खराब सेहत, मोटापा, डायबिटीज इसके दूरगामी परिणाम है। लॉकडाउन के समय में घर पर रहकर स्ट्रेस इटिंग के मामले बढ़ रहे हैं। स्ट्रेस इटिंग से बचने के लिए आप निम्न सावधानियां बरत सकते हैं-

बनाएं खाना खाने का शिड्यूल, करें फोलो

लॉकडाउन के दौरान यदि आपका खानपान को लेकर समय फिक्स नही है तो यह शरीर के लिए काफी हानिकारक है पूरे दिन में खाना खाने का समय निर्धारित करें। नाश्ता, लंच, शाम के समय नाश्ता और डिनर का समय पहले से ही तय कर लें और प्रतिदिन फोलो करें। खाना बनाने की प्रक्रिया भी इस समय से पहले ही पूरी कर लें। क्योंकि यदि आप तब खाना बनाना शुरू कर रही है जब भूख लग चुकी है तो जाहिर है ऐसे में खाना खाने से पहले ही कुछ ना कुछ जरूर खाया जाता है और हमारा शरीर भूख के मुकाबले कितना भोजन खाना है, इस बात का निस्तारण नही कर पाता, नतीजन शरीर की जरूरत से ज्यादा ही खाया जाता है।

लें पोष्टिक और संतुलित आहार

घर पर रहकर पोष्टिक और संतुलित आहार लेने की कोशिश करें। स्नैक्स के नाम पर चिप्स और कॉल्डड्रिंक्स से दूरी बनाएं क्योंकि यह खाने से शरीर में ब्लड शुगर का लेवल बढ़ जाता है और कुछ समय के लिए भूख भी शांत हो जाती है लेकिन थोड़ी देर के बाद फिर कुछ खाने का मन करने लगता है। इससे बचने के लिए आप समय पर पोष्टिक भोजन लें। नाश्ते में अंकुरित चना, सोयाबीन का सेवन करें। यदि असमय खाना खाने का मन हो रहा है तो मैग्नीशियम युक्त खाना खाएं, इससे खाना खाने का मन होना बंद हो जाएगा। दही, केला, बादाम आदि में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

खाना खाने की जगह का चयन करें

बैडरूम में बैठकर टीवी देखते हुए भोजन करने से परहेज करें। सबसे बेहतर तो यह रहेगा कि आप खाना खाने के लिए जगह का चुनाव कर लें और वही पर बैठकर भोजन करें। भोजन करते समय टीवी और किसी अन्य कार्य से दूरी बनाने की सही रहेगा। इसका मनोवैज्ञानिक असर हमारे दिमाग पर पड़ता है और ऐसा करने से आप स्ट्रेस इटिंग से बच सकते हैं।

बच्चों का रखें खास ख्याल

अक्सर मां-बाप बच्चों को खाने-पीने के मामले में नही टोकते हैं। लेकिन ऐसे समय में आपको बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। बच्चों को घर पर रहते हुए नियमित अंतराल पर खाना दें। स्नैक्स के नाम पर नमकीन, बिस्कुट देने से बचें। बच्चों के लिए जरूरी है कि वह भोजन करने के लिए भी पढाई की तरह टाइम टेबल का पालन करें। बच्चों को तय रुटीन में ही रखने की कोशिश करें।

 

इन बातों का भी रखें ख्याल

  • -समय व्यतीत करने के लिए ही खाना ना खाएं। समय पर ही नियमित अंतराल पर भोजन करें।
  • -चाय व काफी का अत्याधिक सेवन ना करें।
  • -घर में कार्यस्थल पर खाने-पीने की चीजें ना रखें।
  • -असमय खाने का मन हो तो खुद का ध्यान बंटाने की कोशिश करें।
  • -एकचित होकर भोजन करें, भोजन करते समय किसी दूसरे कार्य में ना लगें।
  • -नियमित तौर पर व्यायाम, योगा और मेडिटेशन करें, यह तनाव और स्ट्रेस इटिंग से दूर रखने में रामबाण है।
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