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प्रोफेसर ने बनाया ऐसा सॉफ्टवेयर, 5 सेकेंड में होगा कोरोना डिटेक्ट

कुलदीप तोमर

देश भर में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सरकार लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक कर रही है और पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। इसी बीच इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी (आईआईटी) रुड़की के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिक प्रोफेसर कमल जैन ने कोरोना की पहचान के लिए एक सोफ्टवेयर तैयार किया है। यह सॉफ्टवेयर किसी भी व्यक्ति के एक्स-रे की जांच के आधार पर कुछ ही सेकेंड में कोरोना के पॉजिटिव या नेगेटिव होने की जानकारी देगा। बताया गया है कि इस तरह के सॉफ्टवेयर का चीन में प्रयोग शुरू कर दिया गया है। हालांकि भारत में यह अपनी तरह का पहला दावा है। प्रोफेसर कमल जैन इससे पहले भी एक सॉफ्टवेयर बना चुके हैं, जो कोरोना संदिग्ध या पॉजिटिव के आसपास होने पर अलर्ट कर देता है।

कोरोना की होगी जांच, चलाने में भी आसान

अब उन्होंने कोरोना जांच के लिए मोबाइल एप तैयार किया है। प्रोफेसर कमल जैन ने बताया कि इस एप का प्रयोग काफी आसान है। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति को कोरोना से ग्रसित होने का संदेह हो तो उसे अपनी छाती का एक्सरे कराना होगा। इसके बाद यह सॉफ्टवेयर उस एक्स-रे को स्कैन करने के बाद डीप लर्निंग करेगा और यह बताएगा कि एक्स-रे रिपोर्ट वाले व्यक्ति में कोरोना के लक्षण हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि देशभर में कोरोना टेस्ट की मांग बढ़ती जा रही है। ऐसे में एक्स-रे की मदद से कोरोना की जांच से काफी सहायता मिलेगी। प्रोफेसर कमल जैन ने बताया कि एप में कोरोना पीड़ित व्यक्तियों के एक्स-रे से संबंधित डाटा को फीड किया गया है। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर उपलब्ध कोरोना पीड़ितों से जुड़ी एक्स रे डिटेल को सॉफ्टवेयर में अपलोड किया गया है।

प्रोफेसर का दावा, 3 से 5 सेकंड में मिलेगा कोरोना का टेस्ट

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है, आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर ने दावा किया है कि उन्होंने ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया है, जो सिर्फ 3 से 5 सेकंड में कोरोना वायरस की पहचान कर देगा। इस सॉफ्टवेयर को बनाने में आईआईटी प्रोफेसर को एक से डेढ़ माह का समय लगा है। प्रोफेसर ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर की कीमत बाकी सॉफ्टवेयर के जैसी ही होगी। इस सॉफ्टवेयर से समय की बड़ी बचत भी होगी।

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