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आईएमए पासिंग आउट परेड: रखा गया सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल, सेना ने वर्दी में शामिल किया मास्क, पढ़े सत्य वायस की स्पेशल रिपोर्ट

(SATYAVOICE.COM के लिए संवाददाता कुंवर पवन प्रताप की रिपोर्ट)

भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड में अंतिम पग पार करते ही 333 जांबाज कैडेट भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। शनिवार सुबह आयोजित हुई पासिंग आउट परेड में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा गया। सेना के सभी लोग मास्क लगाए हुए परेड में शामिल हुए। खास बात यह रही कि पहले दो कैडेट्स के बीच 0.5 मीटर की दूरी होती थी, इस बार की पासिंग आउट परेड में कोरोना संकट को देखते हुए यह दूरी 2 मीटर रखी गई, हाथ में ग्लव्ज और चेहरे पर मास्क भी लगाया गया। पासिंग आउट परेड में सभी जेंटलमैन कैडेट बतौर लेफ्टिनेंट भारतीय सेना में अफसर बन कर देश सेवा करेंगे।  333 भारतीय जाबांजों के साथ ही नौ मित्र देशों अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, भूटान, मॉरीशस,  मालद्वीव, फिजी, पपुआ न्यू गिनी, श्रीलंका व वियतनाम के 90 कैडेट भी आईएमए से पास आउट होकर अपने देश की सेना का की सेना में अफसर बने।

भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बतौर रिव्यूइंग ऑफिसर परेड की सलामी ली। आज सुबह छह बजकर 42 मिनट पर कैडेट परेड स्थल पहुंचे और परेड शुरू हुई। डिप्टी कमांडेंट ने सबसे पहले परेड की सलामी ली। सात बजकर पांच मिनट पर कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल जयवीर सिंह नेगी ने परेड की सलामी ली। इसके बाद रिव्यूइंग ऑफिसर, सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने परेड का निरीक्षण किया। कोरोना संकट के चलते इस बार आईएमए पासिंग आउट परेड बेहद सादगी से साथ हुई। यह पहली बार हुआ जब जेंटलमैन कैडेट्स के परिजन परेड के साक्षी नहीं बन सके। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए सभी कैडेट्स ने मास्क पहल कर परेड पूरी की। इस बार कैडेट आकाशदीप सिंह ढिल्लो को स्वार्ड आफ आनर, कैडेट शिवकुमार सिंह चौहान को स्वर्ण पदक, कैडेट सक्षण राणा को रजत पदक कैडेट सूरज सिंह को कांस्य पदक, तथा कैडेट भरत योगेंद्र को टीजी सिल्वर से सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट का सम्मान वियतनाम के कैडेट डोनवान सोन को दिया गया।

 

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