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कोरोना महामारी के कारण नियमित अंतरराष्ट्रीय यात्री विमानों की उड़ानों पर लगाई गई रोक 28 फरवरी तक

कोरोना महामारी के कारण नियमित अंतरराष्ट्रीय यात्री विमानों की उड़ानों पर लगाई गई रोक अब 28 फरवरी तक बढ़ा दी गई है। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने गुरुवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यद्यपि चुनिंदा रूटों पर मामला दर मामला के आधार पर सक्षम प्राधिकारी नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति दे सकते हैं।

कोरोना महामारी के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय यात्री विमान सेवाएं देश में पिछले साल 23 मार्च से ही निलंबित हैं। लेकिन मई में वंदे भारत मिशन के तहत विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित की गई थीं। जबकि जुलाई से चुनिंदा देशों के साथ द्विपक्षीय समझौता के तहत एयर बबल सेवाएं शुरू की गईं।

भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, भूटान और फ्रांस समेत 24 देशों के साथ एयर बबल समझौता किया है। इस समझौते के तहत दो देशों के बीच विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालित किए जा सकते हैं। डीजीसीए ने कहा है कि रोक अवधि बढ़ाए जाने का अंतरराष्ट्रीय कार्गो विमानों और अनुमति प्राप्त विशेष उड़ानों के संचालन पर असर नहीं पड़ेगा।

माना जा रहा है कि कोरोना की नई स्ट्रेन के खतरे और यूरोपीय देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इससे पहले विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर जारी प्रतिबंध को 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया था। जारी आदेश के मुताबिक अब 28 फरवरी तक कोई कमर्शियल अंतरराष्ट्रीय उड़ान ना तो भारत से बाहर जाएगी और ना ही दूसरे देश से आ सकती है।

उल्‍लेखनीय है कि मई में घरेलू उड़ानें तो शुरू कर दी गई लेकिन अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल उड़ानों पर लगाए गए प्रतिबंध समय समय पर समय समय पर बढ़ाए जाते रहे। हालांकि मौजूदा वक्‍त में घरेलू उड़ानों के परिचालन में लगातार तेजी आ रही है। भारतीय विमानन कंपनियों के लिए घरेलू उड़ान संचालन संख्या को कोरोना से पहले के स्तर के मुकाबले काफी हद तक बढ़ाया जा चुका है।

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