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उड़ानों को पंखों की जरूरत नहीं, ऐसा कर दिखाया है आईपीएस बने दीपक भूकर ने जानिए पूरी कहानी

कहते हैं उड़ानों को पंखों की जरूरत नहीं पड़ती जी हां ऐसा ही कर दिखाया है 2016 बैच के आईपीएस दीपक भूकर ने जिन्होंने कड़ी मेहनत करके आईपीएस की रैंक हांसिल की हरयाणा के झज्जर जिले के छोटे से गांव गोरियां के रहने वाले दीपक को दिल्ली में ये प्रेरणा मिली कि उन्हें भी कुछ करना है उन्होंने अपने आईपीएस बनने के सपने को साकार करने के लिए पहले एसएससी की पढ़ाई की और सफलता हांसिल करने के बाद करीब 4 साल तक सेंट्रल एक्सिस डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर की नौकरी की, दीपक यहीं नहीं रुके वो लगातार पढ़ाई के साथ upsc की भी तैयारी करते रहे और आखिर में उन्हें 2016 में सफलता मिली, अपने पांच बार के प्रयास के बाद दीपक को आईपीएस बनने का मौका मिला।

आसान नहीं थी नौकरी के साथ परीक्षा की तैयारी

दीपक बताते हैं कि जब वो नौकरी के साथ परीक्षा की तैयारी कर रहे थे तब उन्हें अपने टाइम टेबल का बेहद ध्यान रखना पड़ता था, जब तक वो नौकरी करते उसके बाद जब भी उन्हें समय मिलता वो पढ़ाई में मन लगाते।

आईपीएस बनने के बाद मुरादाबाद में हुई पहली पोस्टिंग

दीपक भूकर के आईपीएस बनने के बाद उन्हें पहली पोस्टिंग मुरादाबाद में मिली जहां उन्होंने co की रैंक पर जॉइन किया, उन्होंने अपने कारनामो से खनन माफियाओं को परेशान कर दिया आए दिन दीपक खनन माफियाओं और नशाखोरों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करते जिससे अपराधी परेशान होने लगे।

इस समय कानपुर में है दीपक भूकर की तैनाती

आईपीएस दीपक इस समय कानपुर में बतौर एसपी ग्रामीण के पद पर तैनात है जिस दिन से उन्होंने कानपुर में एसपी का पद संभाला है उस दिन से लेकर आजतक वो अपने अलग ही झंडे गाड़ रहे हैं, दीपक ने अपने क्षेत्र में चैलेंजिंग केसों को ज्यादा महत्व दिया उन्होंने नशा, जुआ, अवैध शराब और सट्टे के खिलाफ अभियान सा चला रखा है आए दिन उनके द्वारा किये जा रहे खुलासे खुद ही उनकी कहानी बयां करते रहते हैं।

किसी भी काम को करने के लिए लगन जरूरी

अपनी कड़ी मेहनत के बाद आईपीएस बनने वाले दीपक कहते हैं कि किसी भी काम को करने के लिए लगन बेहद जरूरी है, अगर किसी के अंदर कुछ पाने की इच्छा है तो उसके लिए उसको पाने का प्रयास निरंतर करते रहना चाहिए, कड़ी मेहनत और लगन हर उस सफलता तक ले जाती है जहां इंसान जाना चाहता है।

 

 

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