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बर्फबारी में फंसे चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी के जवान

पिथौरागढ़।। मुनस्यारी में भारी बर्फबारी से यहां चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी के जवान परेशान हैं। सूत्रों के मुताबिक बॉर्डर पर बनी आईटीबीपी की बुगडियार में 12 और रेलकोट चौकी में 18 जवान फंस गए। इसके साथ ही जवानों की मदद के लिए पहुंचे 11 पोर्टरों के भी यहां फंसे होने की खबर है। हालांकि इन चौकियों में मौजूद सभी जवान और पोर्टर सुरक्षित हैं। लेकिन लगातार भारी बर्फबारी से जवान चौकियां खाली नहीं कर पा रहे हैं।

जवानों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी!

सूत्रों के मुताबिक आईटीबीपी इन चौकियों में तैनात  अपने जवानों को एयरलिफ्ट कर यहां से निकालने की योजना बना रही है। क्योंकि मौसम विभाग के मुताबिक इलाके में और ज्यादा बर्फबारी हो सकती है।

समय से पहले बर्फबारी ने बढ़ाई जवानों की मुश्किलें

चीन सीमा पर निगरानी के लिए रेलकोट और बुगडियार में आईटीबीपी की चौकियां हैं। हर साल बर्फबारी से पहले एवलांच के खतरे को देखते हुए इन चौकियों को 15 दिसंबर तक खाली कर लिया जाता है। लेकिन इस बार 12 दिसंबर को ही यहां आठ से दस फीट तक भारी बर्फबारी हो गई। जिससे जवान चौकियां खाली नहीं कर सके।
बर्फबारी में यहां से होती चीन सीमा की सुरक्षा
बर्फबारी के सीजन में रेलकोट और बुगडियार चौकियां खाली की जाती हैं। और जवानों को मिलम और लीलम चौकियों में पोस्ट किया जाता है। इस बार समय से पहले भारी बर्फबारी से जवानों की परेशानी बढ़ गई है। रेलकोट और बुगडियार चौकी पर एवलांच का खतरा मंडरा रहा है।
रास्तों में जमीं बर्फ ने बंद किए रास्ते
रेलकोट और बुगडियार चौकियों को जोड़ने वाले पैदल रास्तों में 10 से 20 फीट बर्फ जमी हुई है। नहर देवी, रेलकोट, स्यूनी, मपांग में रास्ते बंद हैं।
1990 में जवानों की जा चुकी है जान
1976 में इन चौकियों में तैनात जवानों को सामान पहुंचाने जा रहे पोर्टर और घोड़े 4 माह तक मिलम में ही फंसे रहे। इनके लिए हैलीकॉप्टर के जरिए खाना भेजा गया था। 1990 में बुगडियार चौकी  में तैनात पांच जवान भी बर्फीले एवलांच का शिकार हो चुके हैं।
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