Uttarakhand News | उत्तराखंड की ताजा खबरें

लॉकडाऊन को सजा नही, समझें जिम्मेदारी

कुलदीप तोमर

देश में कोविड-19 के संक्रमण की कम्पाउंडिग चैन को रोकने के लिए सरकार द्वारा लॉकडाउन का निर्णय लिया गया है। इस लॉकडाउन से देश का हर व्यक्ति प्रभावित है। सरकार की मंशा है कि यदि लॉकडाउन से लोग घर से बाहर निकलना बंद कर दें तो बहुत हद तक संभव है कि कोरोना वायरस के कहर से देश को बचाया जा सकता है। कई कंपनियों में कार्यरत ऐसे लोग भी है जोकि वर्क फ्रॉम होम के द्वारा अपना कार्य कर रहे है। लेकिन ऐसी आबादी भी बहुतायात में है जोकि लॉकडाउन के समय में घर में कैद होकर रह गई है। मनोचिकित्सकों की मानें तो घर में कैद वाली भावना से लोग कोरोना वायरस से तो बच सकते हैं लेकिन मानसिक तौर पर बीमार होने की संभावनाएं भी बढ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप लॉकडाउन को सजा ना समझे, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह लॉकडाउन का पालन करते हुए इस पलों का आनन्द लें। हम आपको बता रहे हैं कि कैसे लॉकडाउन के इस समय में आप अपने समय को बना सकतें है उपयोगी-

परिवार को दें समय

आप खुद ही सोचिए आखिरी बार घर पर कब आपने इतना समय व्यतीत किया होगा। अधिकांश लोगों का जवाब यह होगा कि जब आप रोजगार या नौकरी नही करते थे। यह सच है कि रोजगार या नौकरी से हम जब भी छुट्टी लेते हैं तो उसके पीछे कोई ना कोई कारण होता है। लॉकडाउन में यह पहली बार हुआ है कि आप कही बाहर नही जा सकते, केवल अपने परिवार के साथ ही यह समय व्यतीत कर सकतें हैँ। ऐसे में परिवार को समय दें। परिवार को समय देने से तात्पर्य है कि बुजुर्गों के पास बैठे और उनके तजुर्बों से रूबरू हो, यदि बच्चें है तो उनको अपने साथ बिठाए और अपने जीवन के यादगार और रोचक संस्मरण साझा करें। परिजनों से उनकी भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करें। अपने मन की बात परिजनों को बताएं तथा परिजनों के मन की बात जानने की कोशिश करें। ऐसा करने से रिश्तों में तो मजबूती आएगी ही साथ ही आप खुद आनन्दित और ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे।

किताबों को बनाएं अपना दोस्त

आप नियमित तौर पर अगले कुछ दिनों तक अपनी इच्छानुसार किताबें पढ़ सकते हैं। किताबों से व्यक्ति की सबसे अच्छी दोस्ती होती है। लेकिन हाइटैक युग में लोगों की किताबों से काफी दूरी हो चुकी है। इसलिए लॉकडाउन के इस समय को आप एक बार फिर किताबों के साथ बिताकर यादगार बना सकते हैं। आप सफल व्यक्तियों की जीवनियां भी पढ़ सकते हैं जिससे आप सकारात्मक तौर पर प्रेरित भी होंगे और जानकारी भी मिलेगी। आपके पास किताबें नही है तो आप ऑनलाइन गूगल पर सर्च करके पीडीएफ फाइल डाउनलोड कर सकतें हैँ। आजकल इंटरनेट पर कई वेबसाइट्स ऐसी है जोकि किताबों को पीडीएफ फार्मेट में निशुल्क या कुछ शुल्क लेकर उपलब्ध कराती है। सुबह-शाम आप एक से दो घंटे किताबें पढ़ सकते हैं।

संगीत को भी दें नियमित समय

विशेषज्ञ बताते हैं कि संगीत तनाव दूर करने, मन को शांति देने, खराब मूड़ को ठीक करने में कारगार है। मनोचिकित्सक तो ईलाज के दौरान अपने चिकित्सकों को म्यूजिक थैरेपी का इस्तेमाल कराते हैं लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तसल्ली से मनपंसद संगीत भी नही सुन पाते। लॉकडाउन के इस समय में आप नियमित रूप से अपना पंसदीदा संगीत सुनें। संगीत से आपके मन को सुकून तो मिलेगा ही साथ ही आपके मस्तिष्क में सकारात्मक विचारों का आवगमन होगा। जिससे आप मोटिवेटिड रहकर कोविड-19 के प्रति एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य तो निभाएगें ही साथ ही खुद भी सकारात्मक रहेंगे।

डायरी लिखकर बना सकतें हैं इन पलों को यादगार

डायरी लिखकर मन हल्का होता है। हालांकि बदलते दौर में डायरी लिखने का चलन काफी हद तक खत्म हो चुका है। आप लॉकडाउन के इस समय में डायरी लिख सकते हैं। डायरी लिखने से मन खुश रहेगा और आप खुद में सकारात्मक भावों को महसूस करेंगे। डायरी लिखने की खास बात यह है कि आप जो कुछ भी कागज पर उकेरेंगे, आपका दिमाग काफी समय तक उसी में लगा रहेगा। आप डायरी में लॉकडाउन पर अपने अनुभव भी लिख सकते हैं। सालों बाद जब आप डायरी के पन्नों को पलटेंगे तो यह दौर पुन: आपके सामने होगा। डायरी में आप अपने जीवन के अनुभवों को भी लिख सकते हैँ।

टाइम टेबल बनाकर करें पालन

सबसे जरूरी है कि आप लॉकडाउन का ख्याल दिलोदिमाग से निकालकर अगले तीन सप्ताह का टाइम टेबल बनाएं। यह टाइम टेबल आजीवन आपको याद रहेगा क्योंकि जिम्मेदारियों के चलते आप कभी भी इतना समय खुद को व अपने परिवार को नही दे पाते। टाइम टेबल में दिन की शुरूआत आप घर पर योगाभ्यास करके कर सकते हैं। इसके अलावा किताबें पढ़ना, बच्चें है तो उनके साथ बैठकर उनकी पढाई कराना, घर में बुजुर्गों के साथ बच्चों को लेकर बैठना आदि बातों को शामिल कर सकतें हैँ। वर्क फ्राम होम कर रहे हैं तो भी टाइम टेबल बनाकर उसका पालन करेँ।

घर पर रहकर यह भी कर सकतें है-

-परिवार के साथ प्रेरक फिल्म देख सकतें है। बायोग्राफिक फिल्मों को बच्चों को भी दिखाएँ।

-घर की साफ-सफाई कर सकतें है।

-घर पर बागवानी का ख्याल है तो पुरानी चीजों को प्लाटिंग करने के लिए तैयार कर सकते हैँ। चूंकि ऐसे समय में आपको बाहर नही निकलना है।

-पुरूष किचन में कुकिंग सीख सकतें हैँ।

– बच्चों को अगली कक्षा की पढ़ाई के लिए इंटरनेट की मदद से तैयारियां करा सकते हैं।

युवाओं के लिए है परीक्षाओँ की तैयारी का बेहतरीन मौका

लॉकडाउन की वजह से युवा भी घर से बाहर नही निकल सकतें। ऐसे में यह समय घर पर रहकर परीक्षाओं की तैयारी का उत्तम समय है। इस समय में आपके दोस्त भी आपके पास नही आ सकतें और आप भी कही बाहर नही जा सकतें। तो जरूरी है कि आप इस समय का सदुपयोग करेँ। आप चाहें तो लॉकडाउन के इस समय में आप अपनी तैयारियों को उच्चतम स्तर तक पहुंचा सकतें हैं। आने वाले दिनों में एसएससी समेत कई सरकारी नौकरियों की परीक्षाएँ होनी है। तो समय सारिणी बनाकर अपनी तैयारियों में जुट जाएं।

इन बातों का भी रखें ख्याल

-हाथ धोते रहें, सैनेटाइजर का प्रयोग करें

-घर पर ही बनाएं खाना, ऑर्डर करने से करें परहेज

-साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान

-पालतू पशुओं से भी रहें दूर

-घर से बाहर जा रहें है तो बनाएं रखें सोशल डिस्टेंसिंग

Leave A Reply

Your email address will not be published.