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लखनऊ की कैसरबाग काकोरी मस्जिद में 23 विदेशी मौलवी मिले , जांच जारी

कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार भारत में बढ़ते ही जा रहे है। वहीं दिल्ली में निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात में ठहरे कई विदेशी नागरिक यूपी के विभिन्न स्थानों के मस्जिदों में रोके हुए है। जिसके बाद से उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। लखनऊ के पुलिस आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी आज राज्य की राजधानी स्थित कैसरबाग की मरकजी मस्जिद में पहुंचे, जहां किर्गिस्तान और कजाकिस्तान के छह नागरिक पाए गए। मस्जिद में मौजूद सभी देसी-विदेशी नागरिकों को आइसोलेशन में भेज दिया गया है और मस्जिद में ताला लगा दिया गया है।

खुफिया और एलआईयू की जानकारी के  बाद पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों ने मस्जिद में छापेमारी की। मस्जिद में पाए गए विदेशी नागरिकों की मेडिकल जांच जारी है। इसके बाद इन सभी को आइसोलेशन में रखा जाएगा। सीएमओ कार्यालय के मुताबिक, राजधानी लखनऊ की अमीनाबाद, काकोरी और आईआईएम रोड स्थित मस्जिदों से 24 विदेशी मिले हैं। इनमें 14 बांग्लादेश और 10 लोग कजाकिस्तान से आए थे। इनमें से तीन 3 लोगों में कोरोना के लक्षण मिलने पर जांच नमूना लेकर केजीएमयू भेजा गया है।

जानकारी के मुताबिक एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम अभी भी जांच की प्रक्रिया में हैं और हम व्यक्तियों की संख्या का खुलासा नहीं कर सकते। हमें नहीं पता कि वे यहां अवैध रूप से रह रहे थे। उचित जांच के बाद ही जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

बता दें कि बिना सूचित किए सूडान, केन्या, इंडोनेशिया और अन्य देशों के निवासी मेरठ जिले की दो मस्जिदों में ठहरे हुए थे। उन्हें और उनके संपर्क में आए अन्य लोगों को एकांतवास में भेज दिया गया है। विदेशियों अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत चार लोगों पर मामला भी दर्ज किया गया है।

यूपी पुलिस अविनाश पांडे ने कहा, “स्थानीय खुफिया इकाई ने इन 19 पुरुषों के ठिकाने के बारे में बताया और हम तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गए। पहली मस्जिद मवाना तहसील में है, जहां अफ्रीकी राष्ट्रों सूडान, केन्या और जिबूती से जुड़े दस विदेशी पाए गए। उन्हें व उनके संपर्क में आए लोगों को एकांतवास में रखा गया है। दूसरी मस्जिद सरधना में है, जहां नौ इंडोनेशियाई नागरिक ठहरे हुए थे। इसी तरह की कार्रवाई वहां भी की गई है।” पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार ऐसे लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। बिजनौर में प्रशासन व पुलिस की टीम ने सटीक सूचना पर नगीना के जामुन वाली मस्जिद में छापा मारा तो यहां इंडोनेशिया से आए 8 धर्म प्रचारक मिले। पुलिस ने सभी धर्म प्रचारकों को जांच के लिए आइसोलेशन सेंटर भेजा है। ये सभी 21 मार्च से इस मस्जिद में छिपे हुए थे। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 268, 270 व महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

मरकज में यूपी के 160 लोग हुए थे शामिल
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज में यूपी के करीब 160 लोग शामिल हुए थे। पुलिस इन सभी की तलाश में जुटी है। जानकारी के मुताबिक, जमात में राजधानी लखनऊ के ये लोग शामिल हुए थे, लेकिन अभी इनकी लखनऊ वापसी की पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि मरकज में शामिल हुए यूपी के अधिकतर लोग अभी दिल्ली में ही हैं।

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