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पहचानें शरीर के किस अंग के लिए कौन सा औषधीय पौंधा है काम का

हल्द्वानी।। क्या आपको अपने शरीर को फिट रखने की इच्छा है? क्या आप गुणकारी औषधियों के जरिए शरीर फिट और निरोगी रखने के इच्छुक हैं? अगर हां! तो ये खबर आपके काम की है। अगर आप शरीर और औषधीय पौंधौं से प्यार करते हैं तो हल्द्वानी के फॉरेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में बने वन अनुसंधान केंद्र यानी फॉरेस्ट रिसर्च सेंटर में जरूर आएं और सेंटर के इंचार्ज मदन सिंह बिष्ट से मिलें। क्योंकि यहां आपको जानने को मिलेगा कि आपके शरीर के किस अंग के लिए कौन सा औषधीय पौंधा काम का है।

यहां हुआ अनोखा प्रयोग

फॉरेस्ट रिसर्च सेंटर ने अनोखा प्रयोग किया है। सेंटर के प्रभारी और रेंजर मदन सिंह बिष्ट अपने नायाब प्रयोगों को लिए जाने जाते हैं। बिष्ट ने केंद्र में औषधीय पौंधौं का एक ऐसा डेमोस्ट्रेशन सेंटर बनाया है जो बता रहा है कि आपके शरीर के किस अंग के लिए कौन सा औषधीय पेड़ काम का है। इससे पहले बिष्ट केंद्र के भीतर कासनी के नायाब प्रयोग कर चुके हैं। जिसे लेने के लिए देश और विदेश से हर दिन हल्द्वानी पहुंचते हैं। बिष्ट ने केंद्र कें भीतर राशि वाटिका, सर्व-धर्म सद्भाव वाटिका, शहीद वाटिका, तुलसी वाटिका जैसे अनेकों प्रयोग किए हैं। जिन्हें देखने के लिए लोग पर्यटक रिसर्च सेंटर पहुंचते हैं।

ये पौंधे रखेंगे शरीर के हर अंग को निरोगी 

मदन सिंह बिष्ट ने शरीर के 17 हिस्सों या कहें अंगों के लिए अलग-अलग औषधीय पौंधों का पूरा ब्योरा तैयार किया है। क्योंकि हर अंग का अपना काम है।  खास बात ये है कि उनकी वाटिका में हर औषधीय पौंधा मौजूद है। बिष्ट के मुताबिक बालों के लिए भृंगराज और रीठा, मस्तिष्क के लिए ब्रह्मी और दमबेल, पेट के लिए कासनी और मकोय, किडनी के लिए कासनी, पुनर्नवा, गोखरू, रक्त संबंधी दिक्कतों के लिए चिरायत और नीम, पेशाब संबंधी संक्रमण के लिए गोखरू, पत्थरचूर, स्किन के लिए घृतकुमारी, मांसपेशियों के लिए निर्गुण्डी, एड़ी के लिए आंक, आंखों के लिए आंवला, राखी बेल, दांत के लिए बज्रदंती, अकरकरा, दिल के लिए अर्जुन, आमाशय के लिए हरड़, काफल, पाचन तंत्र के लिए बेल, आंवला, ईसबगोल, लेमनग्रास, नाड़ी संबंधी दिक्कतों के लिए सतावर और हड्डी संबंधी दिक्कतों के लिए हरसिंगार, पारिजात, हड़जोड़ और मेदा के पौंधे बेहद गुणकारी होते हैं।

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