Uttarakhand News | उत्तराखंड की ताजा खबरें

नमामि गंगे परियोजना : सीएम त्रिवेंद्र ने की गंगा की सहायक नदियों पर सीवरेज प्रबंधन की मांग

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गंगा की सहायक नदियों पर सीवरेज प्रबंधन की मांग की है। कानपुर में आयोजित राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक की में उन्होंने यह मांग की।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नमामि गंगे परियोजना के तहत उत्तराखंड के उन सभी प्रमुख नगरों मे भी सीवरेज प्रबंधन की योजना को स्वीकृति दी जानी चाहिए, जो गंगा की सहायक नदियों के किनारे स्थित हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा की मुख्यधारा के साथ-साथ सहायक नदियों पर स्थित धार्मिक व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नगरों में सीवर लाइन डाली जानी जरूरी है. उन्होंने इसके लिए नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री ने ठोस अपशिष्ठ के निस्तारण के लिए भी नमामि गंगे परियोजना से वित्तीय मदद देने अथवा स्वच्छ भारत मिशन के तहत वायबिलिटी गैप फंडिग के अनुपात को बढाकर 90:10 करने का भी अनुरोध किया।

राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी तथा परिषद के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नमामि गंगे परियोजना के तहत प्रदेश में अब तक किए गए कार्यों की रिपोर्ट भी रखी। उन्होंने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत के तहत चिन्हित किए गए 15 नगरों के लिए स्वीकृत 19 में से 10 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि शेष पांच योजनाएं दिसंबर 2019 तक, दो योजनाएं फरवरी 2020 तक, एक योजना जून 2020 तक और एक और योजना नवंबर 2020 तक पूरी हो जाएगी।मुख्यमंत्री ने बताया कि दो अन्य नदियों रिस्पना और कोसी के तटों पर स्थित नगरों देहरादून और रामनगर के लिए जो दो योजनाएं स्वीकृत हुई हैं, वे भी नवंबर 2020 तक पूरी कर हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ के पहले ही नमामि गंगे परियोजना के तहत सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.