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गंदगी में ही रहेंगे हल्द्वानी के ग्रामीण इलाके

SATYAVOICE.COM के लिए रिपोर्टर  ‘कुंवर पवन प्रताप सिंह’ की रिपोर्ट

हल्द्वानी नगर निगम में शामिल किए गए ग्रामीण क्षेत्रों में पहले की ही तरह गंदगी पसरी रहेगी। क्योंकि यहां के लिए नगर निगम फिलहाल कोई सफाई कर्मचारी नियुक्त नहीं करेगा। अधिकारियों की दलील है कि कोरोना ने निगम के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा किया है। निगम के पास अपने वर्तमान कर्मचारियों की सेलरी देने का भी पैसा नहीं है। इसलिए 300 नए कर्मचारियों की सेलरी कहां से आएगी। इसलिए निगम के जोड़े गए 30 नए वार्डों की सफाई के लिए जिन 300 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति होनी थी फिलहाल उसे रोक दिया है। जिसके लिए 700 से ज्यादा आवेदन आ चुके थे।

कांग्रेस ने दागे सवाल

निगम की ढीलाई पर कांग्रेस के टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ने वाले युवा नेता सुमित हृदयेश को सवाल उठाने का मौका मिल गया है। सुमित सीधे तौर पर मेयर जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला से सवाल पूछ रहे हैं कि आपने झूठे वादे क्यों किए? कोरोना का नाम तो अभी 100 दिन पहले सुनाई दिया। इससे पहले सवा एक साल में निगम ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए क्या किया? सुमित हृदयेश का आरोप है कि निगम ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्स थोपने की तैयारी में है। ग्रामीण क्षेत्रों के शहर में शामिल होने के बाद वहां सर्किल रेट की भी मार लोगों पर पड़ी है। लेकिन बदले में लोगों को क्या मिला?

मेयर ने दिया जवाब

नवंबर 2018 में हुए निगम चुनाव हुए। चुनाव से पहले बड़े जोर-शोर के साथ हल्द्वानी ग्रामीण के 30 इलाकों को नगर निगम में शामिल कर लिया गया था। दावा था कि इलाके में सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद होगी। अंधेरे वाले गलियां स्ट्रीट लाइटों से चमकेंगी। लेकिन मेयर जोगेंद्र पाल सिंह रौतेता को कुर्सी पर काबिज हुए डेढ़ साल हो चुका है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से किए गए वादे का क्या हुआ भगवान जाने। लेकिन मेयर रौतेला का दावा है कि ये पूरे ग्रामीण इलाके में कैसे काम होंगे इसके लिए प्लानिंग हो रही है। मेयर की दलील है विपक्ष का काम सवाल उठाना है। लेकिन विपक्ष को जानकारी होनी चाहिए कि वर्तमान बिजली के खंभों में स्ट्रीट लाइट नहीं लग सकती। क्योंकि इन खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगने पर बिजली का अतिरिक्त बोझ ट्रांसफॉर्मर पर पड़ेगा। अगर ऐसा कर दिया गया तो आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकते रहेंगे। और ग्रामीण लोग बिजली के लिए परेशान होते रहेंगे। इसलिए जरूरत के मुताबिक पहले पूरे ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफार्मर और खंबे लगाए जाएंगे। नई बिजली लाइन बिछेगी। जिसके लिए प्लानिंग हो रही है। नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया कहते हैं कि सरकार और निगम की नियत साफ है। लेकिन कोरोना महामारी ने निगम ही नहीं बल्कि सबके सामने चुनौती खड़ी की है। फिलहाल जैसे घर-घर कूड़ा वाहन जा रहे थे जाते रहेंगे। और कूड़ा उठता रहेगा।

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