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बद्रीनाथ धाम के कपाट ना खुलने पर पूजा व हवन करके मांगी गई क्षमा याचना, इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा, अब 15 मई को खुलेंगे कपाट

पूर्व निर्धारित तिथि और मुहूर्त के अनुसार गुरुवार को बद्रीनाथ धाम के कपाट तो नहीं खुले, लेकिन धाम में पूजा-अर्चना कर बद्रीनाथ भगवान से कपाट ना खुलने पर क्षमा याचना की गई। बद्रीनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूक धारियों, पंडा समाज और बद्रीनाथ मंदिर की परंपरा से जुड़े लोगों ने ब्रह्म मुहूर्त में भगवान नारायण की पूजा, अर्चना, हवन के साथ ही विष्णुसहस्रनाम का पाठ किया। यह पाठ इसलिए किया गया, ताकि सदियों से चली आ रही परंपरा को अक्षुण्ण रखा जा सके। दरअसल ज्ञात इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि और मुहूर्त की घोषणा हो जाने के बाद उसे बदला गया हो।

तीनों धामों के कपाट खुले निर्धारित मुहूर्त पर

बता दें कि बद्रीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल यानी वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को सर्वार्थ सिद्धि योग एवं अमृत सिद्धि योग के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में 4:30 बजे खोले जाने थे। लेकिन कोरोना वायरस, COVID-19 संक्रमण फैलने की वजह से इस साल टिहरी नरेश ने कपाट की तिथि में बदलाव कर दिया. अब बद्रीनाथ धाम के कपाट 15 मई को खुलेंगे। सरकार के दबाव में टिहरी नरेश ने बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि में तो परिवर्तन कर दिया लेकिन केदारनाथ मंदिर के साथ ही गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के पंडा पुरोहितों और हक-हकूकधारियों के विरोध की वजह से बाकी तीनों धामों के कपाट पूर्व निर्धारित समय पर ही खुले।

अपने-अपने घरों में करेंगे नारायण भगवान की पूजा

देवभूमि तीर्थ पुरोहित हक हकूक धारी महापंचायत के प्रवक्ता डॉक्टर बृजेश सती के अनुसार सदियों से चली आ रही इस परंपरा को अक्षुण्ण रखने के लिए देवभूमि तीर्थ पुरोहित हक-हकूकधारी महापंचायत ने निर्णय लिया कि पूर्व मुहूर्त के अनुसार ही सभी तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी एवं पंडा समाज के लोग भगवान नारायण का पूजन अर्चना, हवन और विष्णु सहस्रनाम पाठ अपने-अपने घरों करेंगे। इसी क्रम में गुरुवार को सभी तीर्थ पुरोहितों एवं पंडा समाज के लोगों ने भगवान नारायण का पूजन-अर्चन और हवन कर भगवान नारायण से क्षमा याचना के साथ देश के सभी नागरिकों की मंगल कामना की गई।

अब 15 मई को खुलेंगे बद्रीनाथ के कपाट

बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी को टिहरी राज दरबार पंचांग गणना के आधार पर होती  है। इस वर्ष पहली बार निर्धारित तिथि के अनुरूप तिथि में बदलाव किया गया है। बद्रीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल का कहना है कि पहली बार कपाट खुलने की तिथि में परिवर्तन हुआ है और ये इतिहास में पहली बार हुआ। सतपाल महाराज ने बताया कि बद्रीनाथ धाम के कपाट आगामी 15 मई को सुबह 4:30 बजे खोले जाएंगे। बता दें कि पहले बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई थी। केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल को खुलने थे। लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण धाम के कपाट खोलने की तिथि में बदलाव किया गया है। इससे पहले साल 2013 में आई आपदा के समय कपाट तो खुल चुके थे और बद्रीनाथ की पूजा निरंतर जारी थी। जबकि केदारनाथ इलाके में भयानक नुकसान के चलते पूजा बाधित हुई थी और पुजारी मूर्ति को लेकर ऊखीमठ आ गए थे। सितंबर में सफाई के बाद दोबारा वहां पूजा हुई थी और कपाट परंपरा मुतबिक बंद किए गए थे।

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