Uttarakhand News | उत्तराखंड की ताजा खबरें

उत्तराखंड के लिए सफेद हाथी बनी ‘प्रधानमंत्री उडान सेवा’। गौचर से देहरादून का किराया जानकर रह जाएगें दंग।

प्रधानमंत्री उड़ान सेवा के तहत गौचर की हवाई पट्टी से देहरादून के लिए शुरू हुई हेलीकॉप्टर सेवा पहाड़ की जनता के लिए सफेद हाथी बनकर रह गई है क्योंकि हेलीकॉप्टर का महंगा किराया आमजन से काफी दूर है। हालात यह है कि योजना के लॉन्च होने से अब तक देहरादून से हेलीकॉप्टर द्वारा गौचर तक महज दो लोग ही योजना का लाभ उठा पाए है।

ये भी पढ़े: चारधाम की यात्रा होगी आसान, क्योंकि केन्द्र कर रही है ये काम

गौरतलब है कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों को हेली सेवा से जोड़ने को लेकर प्रधानमंत्री उड़ान सेवा के तहत हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य यह था कि पहाड़ के लोग भी हवाई सफर का आनंद ले सकें और आपात स्थिति में भी जनता को इसका फायदा मिल सकें। उड़ान सेवा को शुरू करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हवाई चप्पल पहनने वाला ब्यक्ति भी हवाई सेवाओं का लाभ ले इसको लेकर यह उड़ान सेवा शुरू की गई है।

ये भी पढ़िए: Uttrakhand Travel Policy 2020 : केदारनाथ धाम समेत करना चाहते हैं उत्तराखंड की यात्रा तो पहले जान लें ये जरूरी नियम

मगर गौचर से देहरादून तक जाने के लिए 8709 रुपये के महंगे कियाए के कारण स्थानीय लोग इसका लाभ नही ले पा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार की इस हवाई सेवा पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि यह आम आदमी के पहुच से बाहर है , यही कारण है कि अभी तक यह हेली सेवा सफल नही हो पाई है । लोगों ने सरकार से मांग की कि हेलीकॉप्टर का किराया कम होना चाहिए जिससे क्षेत्रीय जनता को इसका लाभ मिल सकें।

ये भी पढ़िए: Uttrakhand Special: भारतीय सेना के पहाड़ी सैनिक जसवंत सिंह रावत के नाम से आज भी कांपती है चीनी सेना। अकेले उतारा था 300 चीनी सैनिकों को मौत के घाट। Jaswant Singh Rawat की जयंती पर पढ़िए हमारी स्पेशल स्टोरी।  

गौचर में ऊपजाऊ भूमि का अधिग्रहण करके बनाई गई थी हवाई पट्टी

 गौचर की इस हवाई पट्टी के बनते समय तत्कालीन सरकारों द्वारा काश्तकारों की उपजाऊ कृषि भूमि को जबरन अधिग्रहण किया गया था , इस विश्वास के साथ कि यहां के लोगों को इससे रोजगार मिलेगा और पहाड़ वालो को हवाई सेवा का लाभ मिलेगा।  हवाई पट्टी बनें आज दशकों बीत गए है, मगर इस हवाई पट्टी से अभी तक विमान सेवा शुरू नही हो पाई है, जिससे आज भी यहां के काश्तकार अपने को ठगा सा महसूस कर रहै है । काश्तकारों का कहना है कि हेलीकॉप्टर सेवा ही शुरू करनी थी तो इतनी बड़ी हवाई पट्टी बना कर क्यों जनता के करोड़ों रुपयों को बर्बाद किया  गया।

ये भी पढ़िए: उत्तराखंड: अब चीनी मिलों में पैदा होगी सीएनजी, उधमसिंह नगर के बाजपुर शुगर मिल में जल्द लगेगा इथेनॉल प्लांट। पढ़िए हमारी खास रिपोर्ट

ये भी पढ़िए: उत्तराखंड: हर की पैड़ी से चंडी देवी के बीच रोपवे की तैयारी में जुटी सरकार

Leave A Reply

Your email address will not be published.