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प्राइवेट स्कूलों को करोड़ों रुपये क्यों देने जा रही है उत्तराखंड सरकार

देहरादून: जी हां, आप सही पढ़ रहे हैं। राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों को एक सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम देने जा रही है। ये रकम इन स्कूलों के उद्धार के लिए नहीं दी जा रही है। दरअसल इन स्कूलों का दो सौ करोड़ से ज्यादा बकाया सरकार पर है। अब आप सोचेंगे कि आखिर करोड़ों की रकम बकाया क्यों है।

दरअसल आरटीई यानि राइट टू एजुकेशन के तहत जो गरीब बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते हैं ये उनकी फीस का पैसा है। राज्य में आरटीई के तहत एक लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों के लिए सरकार को 220 करोड़ का भुगतान निजी स्कूलों को करना है। फिलहाल स्कूलों को 107 करोड़ की राशि देने की पत्रावली को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंजूरी दे दी।

आपको बता दें कि आरटीई एक्ट के तहत निजी स्कूलों में कमजोर और वंचित तबकों के बच्चों के लिए 25 फीसदी कोटा तय है। वर्ष 2018-19 तक आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 1,01,116 बच्चों को दाखिला मिल चुका है। इन बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। साथ में सरकार की देनदारी भी बढ़ रही है। इस मद के लिए राज्य सरकार लगातार केंद्र से खर्च की मांग कर रही है लेकिन पता चला है कि केंद्र ने अब तक करीब पचास करोड़ रुपये ही दिए हैं।

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