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प्रस्ताव तैयार, चार जिलों में तीन माह में बनेंगे नौ नए नगर निकाय

देहरादून: उत्तराखंड के चार जिलों को नए वर्ष में नौ नगर निकायों की सौगात देने की दिशा में सरकार गंभीर हो गई है। इस सिलसिले में कुछ प्रस्ताव शहरी विकास मंत्रालय को उपलब्ध हो चुके हैं। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के अनुसार संबंधित जिलों को तत्काल प्रस्ताव भेजने को कहा गया है, ताकि इन पर आगे की कार्रवाई की जा सके। सरकार का प्रयास है कि मार्च तक ये निकाय अस्तित्व में आ जाएं। कौशिक के मुताबिक श्रीनगर नगर पालिका परिषद को नगर निगम और भगवानपुर नगर पंचायत को नगर पालिका परिषद में उच्चीकृत करने के प्रस्तावों पर भी गहनता से विचार चल रहा है। इस बारे में जल्द फैसला ले लिया जाएगा। साथ ही नगर निगम ऋषिकेश का सीमा विस्तार किए जाने की तैयारी भी है।

प्रदेश के तमाम जिलों में कई ग्रामीण इलाके वर्तमान में शहरों जैसा आकार ले चुके हैं। इसे देखते हुए लंबे अर्से से इन्हें नगर निकायों का दर्जा देने की मांग संबंधित क्षेत्रों के निवासी विभिन्न मंचों से उठाए आ रहे हैं। अब सरकार भी इस दिशा में तेजी कदम उठाने जा रही है। नए नगर निकायों के गठन, कुछ निकायों के उच्चीकरण और कुछ में सीमा विस्तार की उठी मांग के मद्देनजर पिछले वर्ष शहरी विकास मंत्री ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों के साथ विमर्श किया था। तब नौ नगर पंचायतों के गठन के साथ ही चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित श्रीनगर नगर पालिका परिषद को नगर निगम और हरिद्वार जिले में भगवानपुर नगर पंचायत को नगर पालिका परिषद में उच्चीकृत करने का फैसला लिया गया था।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के अनुसार संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी। बाद में नए निकायों के गठन से संबंधित प्रस्ताव शहरी विकास मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए थे। अब इस दिशा में सरकार गंभीरता से कदम उठाने जा रही है। इसी वित्तीय वर्ष में यह सौगात देने के मद्देनजर तैयारी चल रही है।

यहां बनेंगी नगर पंचायतें
हरिद्वार: ढंडेरा, इमलीखेड़ा, रामपुर, पाडलीगुर्जर
ऊधमसिंहनगर: लालपुर, सिरोरीकलां, नगला
बागेश्वर: गरुड़
पौड़ी: थलीसैंण

नगर पालिका परिषद श्रीनगर बनेगी नगर निगम
नगर पंचायत भगवानपुर होगी नगर पालिका परिषद में उच्चीकृत
ऋषिकेश का बढ़ेगा दायरा

वहीं, तीर्थनगरी ऋषिकेश के नगर निगम क्षेत्र का दायरा बढ़ाने भी प्रस्ताव है। ऋषिकेश के सीमा विस्तार के तहत नजदीकी ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निगम में शामिल करने के मद्देनजर प्रस्ताव मांगा गया है।

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