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पब्लिसिटी के लिए मंदिर जाना पालिका अध्यक्षों पर पड़ा भारी, हुई FIR

पब्लिसिटी का नशा जो न कराए कम है। ऐसा ही कुछ हुआ उत्तराखंड के नैनीताल में। जहां पब्लिसिटी के चक्कर में भगवान के दर पहुंचना दो पालिका अध्यक्षों को भारी पड़ गया। बदले में दोनों भक्तों को मिली पुलिस की एफआईआर।

दरअसल सोमवार को भवाली और भीमताल के दो पालिका अध्यक्ष कोरोना लॉक डाउन में अखबारों और टेलीविजन में तस्वीरें छपवाने के चक्कर में घोड़ाखाल गोलज्यू मंदिर पहुंच गए।

अपने समर्थकों और कुछ खास मीडिया कर्मियों के साथ मंदिर पहुंचे नए नवेले इन नेताओं न सिर्फ पूजा कि बल्कि उस पूजा की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा भी की। और तो और रहे जागर लगाने वाला दास भी बुलाया गया था। ताकि गोलज्यू सीधी प्रार्थना स्वीकार करें। और मीडिया कर्मियों के कैमरे के साथ ही खुद के मोबाइल में भी वीडियो और फोटो बेहतरीन आए। यानी पूरा का पूरा इवेंट पहले से तैयारी के साथ था। पूजा करते ही पत्रकार महोदयों ने भी सवाल दाग दिए। फिर क्या था। दोनों ने भक्ति राग और चिंता राग छेड़ दिया। धीर-गंभीर मुंह और मुद्राएं बनाकर पत्रकारों को इंटरव्यू देते हुए बोले देश-दुनिया कोरोना से बहुत पीड़ित है। इसलिए सब की भलाई की प्रार्थना लिए घोड़ाखाल के गोलज्यू मंदिर में पूजा करने आए हैं। लेकिन इंटरव्यू में देश-दुनिया की चिंता कर रहे छपासी पालिका अध्यक्ष ये भूल गए की लॉक डाउन के इन दिनों में सरकार ने ऐसे मंदिरों या यूं कहें कि हर इबाबत घरों  में पूजा-अर्चना पर रोक लगाई हुई है। और उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है। उत्साही पालिकाध्यक्षों ने मीडिया को ये सोचकर बुलाया कि उन्हें पब्लिसिटी भी मिल जाएगी। सो मिल भी गई। मंगलवार के अखबार, टीवी चैनलों की हेललाइन में छा गए भवाली के पालिका अध्यक्ष संजय वर्मा और भीमताल के दीपू चनौतिया। लेकिन लॉग डाउन की धज्जियां उड़ाती दोनों पालिकाध्यक्षों की तस्वीरें पुलिस के पास पहुंची तो दर्ज हो गया 188 का मुकदमा। हालांकि एफआईआर दर्ज होने के बाद जितने मुंह उतनी बातें हो रही हैं। और दोनों मासूम पालिकाध्यक्ष खुद को बेकसूर  करार दे रहे हैं।

पार्टी लाइन तोड़ भगवान के दर पर पहुंचे थे दोनों नौजवान नेता 

भवाली पालिकाध्यक्ष संजय वर्मा बीजेपी के हैं जबकि भीमताल के दीपू चनौतिया कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैं। लेकिन पब्लिसिटी की चाहत ने दोनों पुराने मित्रों को एक कर दिया। इसीलिए पुलिस ने धारा 144 के उल्लंघन पर आईपीसी धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस की सर्किल ऑफिसर अनुषा बड़ोला के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान मंदिर के कपाट बंद रहने चाहिए। मंदिर प्रांगण में हवन करना भी गलत है। इससे अन्य लोग भी अपने धार्मिक स्थलों को खोलने को कहेंगे, जो कानूनन गलत है। दोनों चेयरमैन के खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन में धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

(संवाददाता पवन कुंवर की रिपोर्ट) 

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