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नेपाल संसद भंग होने से बॉर्डर पर तनाव की स्थिति, पुलिस-एसएसबी ने बढ़ाई गश्त

खटीमा: नेपाली संसद भंग होने के बाद इंडो नेपाल बॉर्डर पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। इसको देखते हुए बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा एजंसिया सतर्क हो गई है। साथ ही पुलिस व एसएसबी ने गश्त बढ़ा दी है। बता दें कि पिछले कई दिनों से नेपाल में सत्तारूढ़ नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी के दो धड़ों के बीच सियासी घमासान छिड़ा था। एक की कमान पार्टी के चेयरमैन और प्रधानमंत्री केपी ओली के हाथ थी जबकि दूसरे धड़े की कमान पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड के हाथ थी। प्रधानमंत्री ओली की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति द्वारा नेपाली संसद भंग किए जाने के बाद नेपाल में तनाव का माहौल है।

संसद भंग होने के बाद नेपाल में कई जगह पीएम ओली और राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन भी हुए। इधर धनगढ़ी समेत अन्य कई स्थानों पर भी ओली का पुतला दहन किया गया। राजनैतिक उथल-पुथल के चलते नेपाल में माओवादी गतिविधियों के तेज होने की आशंका बढ़ गई है। जिसके चलते इंडो नेपाल बॉर्डर पर तनाव का माहौल है। इसको देखते हुए बनबसा, टनकपुर से लेकर पंचेश्वर तक बार्डर किनारे तैनात सुरक्षा एंजसियां सतर्क मोड़ पर आ गई है। एसएसबी कमांडेंट बीपीएस नेगी व एसपी लोकेश्वर सिंह ने एसएसबी व पुलिस को अलर्ट रहने के आदेश दिए हैं। सीमा पर गश्त तेज कर दी गई है।

जानिए क्या है पूरा मामला
प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने रविवार को पूर्व पीमए प्रचंड दबाव से बचने के लिए संसद को भंग करने की सिफारिश कर दी जिसे राष्‍ट्रपति बिद्यादेवी भंडारी ने स्‍वीकार कर लिया। यही नहीं देश में आम चुनाव कराए जाने की तारीखों का भी ऐलान कर दिया गया। नेपाल के इस बदलते घटनाक्रम से भारत और चीन दोनों के कान खड़े हो गए हैं । नेपाल के प्रधानमंत्री के इस कदम का न केवल पुष्‍प कमल दहल श्प्रचंडश् का खेमा विरोध कर रहा है, बल्कि देश की व‍िपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस भी आम चुनाव कराने का विरोध कर रही है।

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