Uttarakhand News | उत्तराखंड की ताजा खबरें

उत्तराखंड में में तीन और लैब को मिली कोरोना जांच की अनुमति

उत्तराखंड में तीन और प्रयोगशालाओं को कोरोना जांच की अनुमति मिल गई है. केंद्र सरकार ने दून मेडिकल कॉलेज तथा दो निजी लैब, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (आईआईपी) तथा अहूजा लैब को सैंपल जांचने की अनुमति दे दी है. इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना संक्रमण की जांच करने वाली लैब की संख्या पांच हो गई है. अभी तक एम्स ऋषिकेश और सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज, हल्द्वानी में ही कोरोना सैंपल की जांच की सुविधा थी. सैंपल जांच की संख्या बढाने के लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र से इन तीन लैब में जांच की अनुमति मांगी थी. इन तीन लैब के अलावा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की लैब में भी कोरोना जांच की अनुमति मांगी गई है जिस पर निर्णय आना बाकी है.

 प्रदेश में अब डॉक्टर की सलाह पर ही दी जा सकेगी हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा

 प्रदेश में अब हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा केवल डाक्टर की सलाह पर ही दी जा सकेगी. स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश दे दिए गए हैं. निर्देश में साफ कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति  डॉक्टर से परामर्श के बिना अपनी मर्जी से हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा न ले. कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रदेश में हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा की मांग बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए प्रदेश में हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा का पर्याप्त स्टॉक है. स्वास्थ्य महानिदेशक डाक्टर अमिता उप्रेती का कहना है कि प्रदेश में हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि सभी जिलों को दवा उपलब्ध करा दी गई है.

बिजली उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किसानों, उद्योगों व वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की मांग और लॉकडाउन की कठिनाईयों को देखते हुए निजी नलकूप श्रेणी के उपभोक्ताओं को विलंब भुगतान अधिभार में छूट देने का ऐलान किया है. इस निर्णय से करीब बीस हजार किसानों को राहत मिलेगी. इसमें आने वाले 3 करोड़ 64 लाख रूपये के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा. औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्ताओं से मार्च 2020 से मई 2020 तक, की गई बिजली खपत के सापेक्ष फिक्सड / डिमान्ड चार्ज की वसूली स्थगित की जाएगी तथा विलंब भुगतान अधिभार से छूट दी जाएगी. इस निर्णय से करीब लाख 70 हजार उपभोक्ताओं को राहत पहुंचेगी. इस पर आने वाले लगभग 8 करोड़ रूपए के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा. इसी तरह 25 लाख बिजली उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान पर वर्तमान बिल की राशि में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी. इसमें एचटी उपभोक्ताओं को अधिकतम एक लाख तथा एलटी उपभोक्ताओं को अधिकतम 10 हजार रूपए की छूट प्रदान की जाएगी. इस पर आने वाले प्रतिमाह लगभग दो करोड़ के व्यय का वहन यूपीसीएल द्वारा किया जाएगा. इसके साथ ही 30 जून तक किसी भी श्रेणी के उपभोक्ता  द्वारा बिन न भरे जाने की स्थिति में कनेक्शन नहीं काटे जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं.

राज्य खाद्य योजना के तहत तीन महीने तक मिलेगा प्रति माह साढ़े सात किलो अतिरिक्त राशन

प्रदेश के राशनकार्ड धारकों को राज्य खाद्य योजना के तहत अप्रैल से जून तक तीन महीने के लिए प्रति माह साढ़े सात किलो अतिरिक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए 33.84 लाख रूपये की राशि जारी कर दी गई है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर यह राशि जारी की गई है. वर्तमान में राज्य खाद्य योजना के तहत राशन कार्ड धारकों को 11 रुपये प्रति किलो की दर से ढाई किलोग्राम चावल और, 8.60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 5 किलो गेहूं उपलब्ध कराया जा रहा है. अब तीन महीने तक प्रति कार्ड साढ़े सात किलो चावल और साढ़े सात किलो गेंहू दिया जाएगा.

Leave A Reply

Your email address will not be published.