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आंगनबाड़ी की नौकरी पाने के लिए बना लिए दो-दो मूल निवास प्रमाण पत्र

  • पहले वाले मूल निवास के आधार पर कर रही हैं कुमोला गांव में आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी
  • अब नगर पंचायत पुरोला से बनाया नया मूल निवास प्रमाण पत्र

उत्तरकाशी/देहरादून :

पुरोला के वार्ड नंबर 5 खाबली सेरा में आंगनबाड़ी की नौकरी में वरीयता पाने के लिए एक महिला पुष्पा देवी ने दो-दो मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करवा लिए। पहला मूल निवास प्रमाण पत्र 8 जुलाई 2013 को बनाया। इस मूल निवास के आधार पर पुष्पा देवी ने पुरोला विकासखंड के कुमोला गांव में आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी हासिल की। बाल विकास विभाग ने भी उसे इस संबंध में अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है। इसके बाद पिछले साल जुलाई 2020 में बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकत्री सहित अन्य पदों पर विज्ञप्ति जारी हुई।

पुष्पा देवी ने अपने पहले मूल निवास को निरस्त करवाने की बजाय दूसरा मूल निवास प्रमाण पत्र पुरोला नगर पंचायत के वार्ड संख्या पांच खाबली सेरा से जारी करवा लिया और आंगनबाड़ी खाबली सेरा में आंगनबाड़ी कार्यकत्री की पद वरीयता का लाभ ले लिया। जबकि इसी वार्ड के खाबली सेरा-द्वितीय में तैनात आंगनबाड़ी सहायिका सत्येश्वरी सेमवाल को वरीयता सूची में एक नंबर अधिक होने के बाद भी कोई लाभ नहीं दिया गया।

इस संबंध में आंगनबाड़ी सहायिका सत्येश्वरी सेमवाल के पति जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास उत्तरकाशी को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई और उनकी पत्नी को वरीयता देने की गुहार लगा चुके हैं। साथ ही वह एसडीएम पुरोला और तहसीलदार पुरोला से भी गुहार लगा चुके हैं कि कोई भी महिला एक ही विकासखंड या क्षेत्र से दो-दो मूल निवास प्रमाण पत्र कैसे बना सकती है। हालांकि बाल विकास विभाग सहित तहसीलदार और एसडीएम मामले की जांच की बात कर रहे हैं, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।

पुष्पा देवी के लिए आगे कुआं, पीछे खाई !

वर्तमान में कुमोला में आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर तैनात पुष्पा देवी के लिए अब आगे कुआं, पीछे खाई की नौबत आ चुकी है। पहले तो उसके खिलाफ एसडीएम की ओर से एफआईआर दर्ज हो सकती है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कम से कम पुष्पा देवी का कुमोला गांव का मूल निवास पहले निरस्त किया जाएगा। अगर जुलाई 2013 में जारी किया गया मूल निवास प्रमाण पत्र रद्द होता है तो वह आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी से हाथ धो बैठेगी। वहीं, अगर खाबली सेरा वार्ड नंबर पांच से पुष्पा देवी का मूल निवास निरस्त किया गया तो उसे आंगनबाड़ी कार्यकत्री की वरीयता नहीं मिल सकती। साथ ही विभाग फर्जी निवास प्रमाण पत्र लगाने पर भी उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। अब यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि मामले में क्या नया मोड़ आएगा और उत्तरकाशी जिले के मुख्य विकास अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एसडीएम पुरोला, तहसीलदार पुरोला और पटवारी खाबली सेरा क्या निर्णय लेते हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
एसडीएम पुरोला सोहन सैनी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति एक ही क्षेत्र से मूल या स्थायी निवास तो दूर दो-दो वोटर आईडी तक नहीं बना सकता है। इस मामले में अगर दो-दो मूल निवास प्रमाण पत्र जारी हुए हैं तो जांच कर दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे दो-दो प्रमाण पत्र बनाने वाली महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

दूसरी ओर खाबली सेरा वार्ड नंबर पांच के पटवारी सुखदेव असवाल ने बताया कि ऐसा संभव नहीं है कि कोई भी एक ही विकासखंड या देशभर में कहीं से भी दो-दो मूल निवास प्रमाण पत्र बनवा ले। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके कार्यकाल का नहीं है। जब यह प्रमाण पत्र जारी किया गया तब वह सांकरी क्षेत्र में तैनात थे।

वहीं, दूसरी ओर बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी संगम सिंह ने बताया कि अगर ऐसा हुआ है तो मामले की जांच की जाएगी। साथ ही इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी उत्तरकाशी की अध्यक्षता में जांच कमेटी बैठेगी जिसमें इस मामले को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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