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चमोली जिले में बर्फबारी वाले 200 गांवों में 700 से अधिक सुरक्षित प्रसव करवाना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती

देहरादून- जिस तरह से प्रदेश में शीत लहर चल रही है उससे प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फवारी की संभावनाएं बढ़ रही हैं. ऐसे में चमोली जिले सहित कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फवारी  के दौरान बर्फ से ढके रहने वाले गांवों में गर्भवती का सुरक्षित प्रसव कराना स्वास्थ्य विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। चमोली जिले की ही बात करे तों यहां 200 से अधिक गांव ऐसे हैं, जहां दिसंबर से फरवरी तक 700 से अधिक प्रसव संभावित हैं। जाहिर है स्वास्थ्य विभाग को उन्हें स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। मुश्किल को भांपते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इन गांवों में हाई रिस्क मामले चिह्नित कर उन्हें प्रसव से पूर्व स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की व्यवस्था की है और इसके लिए विभाग की टीम लगाई गई हैं।

हरसाल बर्फवारी से चमोली जिले में 400 से अधिक गांव बर्फबारी से प्रभावित रहते हैं। इनमें 200 से अधिक ऐसे गांव हैं, जहां भारी बर्फबारी होने पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे स्थिति में गर्भवती महिलाओं को लेकर चिंता भी बढ़़ जाती है। नियम है कि स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य केंद्रों में ही गर्भवती का सुरक्षित प्रसव कराएगा। इसके लिए एएनएम व आशा समेत स्वास्थ्य टीम लगातार मॉनीटरिंग करती है, लेकिन जिले के इन गांवों में कैसे यह संभव हो पाएगा, यह सबसे बड़ी चुनौती है।आंकडों पर नजर डालें तो बर्फबारी प्रभावित गांवों में 31 दिसंबर तक 143 महिलाओं का प्रसव संभावित है, जबकि जनवरी में 275 और फरवरी में 282 महिलाओं का प्रसव होना है।

सीएम ने हर संभव मद्द का आश्वासन दिया

ऐसी परिस्थित को लेकर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी चिंता जाहिर की है। ऐसी परिस्थित में सरकार कैसे निपटेगी और किसी तरह की अनहोनी न हो इसको लेकर सरकार क्या कर रही है इस सवाल का जवाब देते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जवाब दिया कि उन्होंने सभी सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल को सतर्क रहने के निर्देश दे दिये हैं। जरूरत पड़ने पर हैलीकप्टर की भी मद्द ली जायेगी और जो भी इस पर धन खर्च होगा उस खर्चे को सरकार ही वहन करेगी।

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