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मरकज में शामिल हुए थे उत्तराखंड के 30 से ज्यादा लोग, प्रशासन के उठे होश !

दिल्ली के ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया से मिले कोरोना संक्रमित खबर ने उत्तरराखंड प्रशासन की भी नींद उठ दी है। क्योंकि एस सम्मेलन में उत्तराखंड से भी कई लोग शमिल हुए थे।

कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर उत्तराखंड के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक के मुताबिक, दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मरकज में उत्तराखंड के 30 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे, पुलिस-प्रशासन अब इनकी तलाश कर रहा है।

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में लॉकडाउन के पहले तब्लीगी जमात का मरकज लगा हुआ था; देश-विदेश से 5 हजार से ज्यादा लोग आए थे ।

24 मार्च से हुए लॉकडाउन के बाद भी यहां 1700 से ज्यादा लोग ठहरे हुए थे, रविवार से इन्हें यहां से निकाला जा रहा है ।

डीटीसी की बसों के जरिए 32-32 लोगों को अलग-अलग हॉस्पिटल पहुंचाया गया, मंगलवार देर रात तक यह सिलसिला चलता रहा ।

बता दें कि कोरोनावायरस के प्रकोप के बीच दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात में आए लोगों में से 24 में कोरोनावायरस का संक्रमण पाया गया है. इसके अलावा तेलंगाना से आए 6 और एक श्रीनगर के मौलवी की मौत हो चुकी है ।

ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया की प्रसिद्ध दरगाह के नजदीक मरकज में कई सभाएं हुईं, जिनमें सऊदी अरब, इंडोनेशिया, दुबई, उज्बेकिस्तान और मलेशिया समेत अनेक देशों के मुस्लिम धर्म प्रचारकों ने भाग लिया था। दिल्ली पुलिस के सूत्र के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की मदद से निजामुद्दीन के मरकज से लगभग 1033 लोगों को निकाल लिया गया है। इसमें से 334 लोगों कोअस्पताल भेजा गया है।

इस मामले में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि हम संख्या के बारे में निश्चित नहीं हैं, लेकिन यह अनुमान है कि 1500-1700 लोग मरकज भवन में इकट्ठे हुए थे। 1033 लोगों को अब तक निकाला गया है। इनमें से 334 को अस्पताल भेजा गया है, और 700 को पृथक केंद्र भेजा गया है।

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