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68 लाख से दूर होगी हल्द्वानी में पानी की कमी

उत्तराखंड में कुमाऊं मंडल के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी में इन दिनों पानी की खासी किल्लत है। जिसको लेकर डीएम नैनीताल सविन बंसल ने बड़ा कदम उठाया है। डीएम ने वाटर सप्लाई दुरुस्त करने के लिए तुरंत 68 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। ताकि हल्द्वानी और उसके आस-पास बसने वाली साढ़े तीन लाख से ज्यादा आबादी पानी के लिए परेशान न हो।

डीएम ने दिए 68 लाख रुपये 

पेयजल किल्लत का संज्ञान लेते हुये जिलाधिकारी सविन बंसल ने शनिवार की देर शाम गौला बैराज व गौला बैराज से शीशमहल फिल्टरेशन प्लांट को आ रही सिंचाई विभाग की नहर का  निरीक्षण किया। शहर और उसके आसपास के इलाके के लोगों को सुचारू एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो तथा लोगों को पेयजल की किल्लत से निजात मिले इसके लिए जिलाधिकारी काफी सजग व तत्पर हैं। महानगर की बढ़ी आबादी को पेयजल आपूर्ति करने के लिए नलकूपों के अलावा गौला नदी एक विकल्प के तौर पर है। गौला के जरिये बेहतर पानी की सप्लाई हो इसलिए जिलाधिकारी ने पूरी संजीदगी के साथ संज्ञान लेते हुये जल संस्थान तथा सिंचाई महकमे को 68 लाख की धनराशि खनन न्यास निधि से पूर्व मे ही जारी कर दी है।

अस्थाई डैम टूटने से बढ़ी पानी की किल्लत

दरअसल पहाड़ों में हो रही बारिश से गौला नदी का जलस्तर बीच-बीचे में अचानक बढ़ रहा है। जिससे काठगोदाम में शहर की वाटर सप्लाई के लिए बना अस्थाई डैम बार-बार टूट रहा है। जिससे शहर की वाटर सप्लाई प्रभावित हो रही है।  बता दें कि गौला में बने स्थाई बैराज में इन दिनों रिपेयरिंग का काम चल रहा है। जिसके कारण स्थाई डैम से पानी नहीं रोका जा रहा। पानी की सप्लाई शहर के लिए बनीं रहे इसके लिए अस्थाई डैम बनाया गया है।

चार महीने में दूसरी बार डीएम ने लिया जायजा

जिलाधिकारी सविन बंसल ने फरवरी में भी गौला बैराज से नहर के माध्यम से फिल्टरेशन प्लांट तक आने वाली नहर और शीतलाहाट फिल्टरेशन प्लांट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण दौरान जिलाधिकारी ने देखा था कि गौला बैराज से शीशमहल फिल्टर प्लांट तक आने वाली नहर कई जगह क्षतिगस्त है जिससे नहर का लगभग 40 प्रतिशत पानी लीकेज के कारण बर्बाद हो जाता है। जिलाधिकारी ने मौका मुआयना उपरान्त गौला बैराज से फिल्टर प्लांट तक आने वाली नहर की मरम्मत हेतु सिचाई विभाग को 31 लाख की धनराशि पूर्व मे अवमुक्त कर दी थी।

डीएम ने देखी काम की प्रगति 

इसी तरह जिलाधिकारी ने पूर्व मे शीतलाहाट फिल्टर प्लांट का भी निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होने शीतलाहाट गधेरे का भी निरीक्षण किया था। तब यह तथ्य सामने आया कि गधेरे से बरसात में पानी ओवरप्लो होकर गौला नदी मे चला जाता है इस तरह पानी की बर्बादी हो रही थी। जिससे महानगर वासियो को पर्याप्त जलापूर्ति करने मे विभाग को परेशानी का सामना करना पड रहा था। जिस पर जिलाधिकारी ने शीतलाहाट गधेरे से शीतलाहाट फिल्टर प्लांट तक पेयजल लाइन बिछाने हेतु 20 लाख की धनराशि खनन न्यास निधि से दिए थे।  इससे शीतलाहाट फिल्टरेशन प्लांट की 30 प्रतिशत बर्बाद हो रहे पानी की उपलब्धता बढं जायेगी जिससे शहर की पेयजल आपूर्ति मे सुधार होगा। इसी तरह शीशमहल फिल्टर प्लांट के अन्तर्गत सीसीटीवी कैमरा लगाने तथा मरम्मत कार्य एवं सिविल एवं इलेक्ट्रिकल मेकेनिकल कार्यो हेतु 17 लाख की धनराशि न्यास निधि से आवंटित की थी। इन सभी कार्यो की प्रगति का जिलाधिकारी बंसल द्वारा मौका मुआयना किया गया तथा कार्य प्रगति के निर्देश अधिकारियों को दिये।

डीएम ने दिए कम समय तक नहर बंद रखने के निर्देश 
जिलाधिकारी बंसल ने कहा कि गौला बैराज से पेयजल आपूर्ति के लिए आने वाली नहर मरम्मत कार्य के लिए आने वाले दिनों मेें कम से कम तीन दिन बन्द रखी जायेगी तथा नहर बन्द के दौरान शहर व अन्य इलाकों को पेयजल आपूर्ति टैकरों एवं नलकूपों के माध्यम से की जायेगी। जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही विभागीय अधिकारियो का आवश्यक निर्देश दिये गये।

बैराज की मरम्मत से संतुष्ट दिखे डीएम

जिलाधिकारी ने गौलाबैराज कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया व पाया कि गौला बैराज मे कार्य प्रगति पर है गेटों का लगभग कार्य पूर्ण हो गया है। ग्रेनाइट बिछाने का कार्य चल रहा है जो एक सप्ताह मे पूर्ण हो जायेगा। जिलाधिकारी के गोलाबैराज के पूर्व भ्रमण में सिचाई विभाग को बैराज में आपदा मैकेनिजम तैनात करने के निर्देश दिये थे भ्रमण दौरान आपदा मैकेनिजम भी तैनात पाया गया। उन्होंने कहा कि गौला बैराज के निरीक्षण परीक्षण हेतु शासन से आइआईटी रूडकी विशेषज्ञ की टीम भेजने का आग्रह किया गया था। जिसकी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है रूडकी की टीम बैराज के परीक्षण हेतु शीघ्र जनपद मे आने वाली है।

डीएम ने इन अधिकारियों को दिए निर्देश

डीएम सविन बंसल के निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियन्ता सिचाई संजय शुक्ला, उपजिलाधिकारी विवेक राय, अपर पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई तरूण बंसल, जलसंस्थान के ईई विशाल सक्सेना मौजूद थे। जिन्हें डीएम ने अलग-अलग तरह के निर्देश दिए और रिपोर्ट मांगी।

(satyavoice.com के लिए संवाददाता पवन कुंवर की रिपोर्ट)

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