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वर्ल्ड लाफ्टर डे : हंसना क्यों है जरूरी, बता रही है हमारी ये स्पेशल स्टोरी

करोना वायरस से उपजे इस संकट काल में हर तरफ अनिश्चितता का भाव नजर आता है। लॉक डाउन के समय में जीनव थम सा गया। दैनिक दिनचर्या से अंधिकाश लोग तनाव से ग्रस्त हो रहें हैं साथ ही घरों में कैद वाली भावना से भी परेशान है। ऐसे में सेहत को सही और मन को सुकून देने के लिए दिनभर में कुछ हंसी पल बेहद जरूरी है। हंसने से मन खुशमिजाज तो रहेगा ही है साथ ही यह विभिन्न बिमारियों में भी काफी कारगर माना गया है। यदि आप हंसते मुस्कुराते रहेगें तो ही आप चिंता, तनाव, उदासी आदि पर जीत दर्ज करा सकेंगे। हंसी से ही आप इन पलों को खुशनुमा बना सकते हैँ। मगर बदलती जीवनशैली और जिंदगी में बढ़ते तनाव के कारण हंसी हमारी जिंदगी से गायब सी हो गई है। ऐसे में कितना जरूरी है ये हंसी आईये जानते है।

हंसी खुशी की पूरक है। अक्सर लोग सोचते है कि हम जब खुश होते है तभी हंसते है। मगर सच यह है कि हंसी में ही खुशी छुपी होती है। आप एक बार तनाव में हंसकर तो देखिये, हंसी से तनाव भी फुर्र हो जाएगा। हंसना एक क्रिया है जिसमें हम अपने शरीर की चेतना को एकत्रित करते है। हंसने से विभिन्न बिमारियों से छुटकारा मिलता है। हंसने से हमारे शरीर में कॉर्टिसोल नामक हॉर्मोन का स्तर कम होता है। तनाव में यही हॉर्मोन शरीर में सक्रिय रहता है और अधिक समय तक सक्रिय रहने पर शरीर में इस हॉर्मोन की मात्रा में वृद्धि होती है। जिससे व्यक्ति हैडेक, माइग्रेन, सर्वाइकल, हाईबीपी, हाईपरटेंशन आदि बिमारियों की ग्रस्त में चला जाता है। इसलिए हंसने से इन बिमारियों में काफी राहत महसूस होती है और नियमित रूप से हंसने से इन बिमारियों से छुटकारा भी मिल जाता है। हंसने से हमारे शरीर में एंडॉर्फिन, एपीनेफीन, डोपामाइन और फिरिटनिन नामक हॉर्मोन में भी वृद्धि होती है। यह हॉर्मोन हमारे शरीर को खुशी का एहसास कराते है इसलिए इन्हें साइंस की भाषा में फील गुड हार्मोन भी कहा जाता है। हंसने से मन को शांति मिलती है, तनाव दूर हो जाता है, रूह मुस्कुराने लगती है, इसलिए नियमित रूप से हंसते और मुस्कुराते रहिए।

हंसी से बडी नही कोई औषधि

हंसी हमारे व्यक्तित्व में निखार तो लाती ही है साथ ही यह विभिन्न बिमारियों में भी रामबाण है। मगर एक रिसर्च के मुताबिक पहले लोग एक दिन में अनुमानित 20 मिनट तक हंसते थे मगर अब यह ग्राफ काफी नीचे आ गया है। अब लोग एक दिन में अनुमानत 6-7 मिनट ही हंसते है। रिसर्च में बताया गया है कि शायद बिमारियों की वृद्धि में यह भी एक कारण है। मनोवैज्ञानिक डॉ.मुकुल शर्मा बताते है कि पूरी शिद्दत से हंसने से चेहरा भी चमकने लगता है। हंसने से हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। हंसने से हमारे शरीर में टी सेल्स की संख्या में बढोत्तरी करती है। नियमित हंसने से वायरस जनित रोगों को नष्ट किया जा सकता है। हंसने से स्ट्रेस से होने वाली अधिकांश बिमारियों पर लगाम लगाई जा सकती है। इससे तनाव का स्तर भी घटता है। शरीर के विभिन्न हिस्सों के लिए भी हंसना एक मददगार व्यायाम है। हंसने से एबीआईजी-ए (एंटीबाडी इम्यूनोग्लोब्यूलिन-ए) की मात्रा में वृद्धि होती है। जिससे श्वास नली के संक्रमण से बचा जा सकता है। हंसने से टेंशन कम होती है। जब हम ठहाके लगाकर हंसते है तो शरीर में ऑक्सिजन की मात्रा में बढ़ोत्तरी होती है। हंसी से हमारे शरीर का ब्लड सरकुलेशन भी नियंत्रित रहता है। हंसी नेचुरल पेनकिलर का काम करती है। हंसी हममें आत्मविश्वास भरती है।

ये भी है हंसी के कुछ फायदें

-हंसने से शरीर में पॉजिटिव थिंकिंग आती है। इससे शरीर की तकलीफ कुछ पल के लिए भूली जा सकती है।

-नियमित हंसने से दिमाग भी तेजी से काम करता है क्योंकि दिमाग को ठीक से काम करने के लिए ज्यादा ऑक्सीजन चाहिए जोकि हंसी से प्राप्त हो जाता है।

– जोर-जोर से हंसने से फेफड़ों की हवा भी बाहर आ जाती है इससे फेफडे साफ रहते है। अस्थमा मरीजों के लिए यह काफी फायदेमंद होता है।

-चिकित्सक हंसने को कार्डियो एक्सरसाइज भी कहते है। इससे दिल की अधिकांश बिमारियां नियंत्रित रहती है।

-एलर्जिक बिमारियां जैसे नजला, जुकाम आदि ऑक्सीजन की कमी से बढती है,हंसने से इन बिमारियों पर कंट्रोल किया जा सकता है।

हंसना है आसानघर पर भी सीख सकते है हंसना

जरूरी है कि हम प्रतिदिन नियमित रूप से हंसे। इसके लिए आप घर पर भी अभ्यास कर सकते है। विभिन्न चैनलों पर कॉमेडी शोज इसी उद्देश्य से प्रसारित किये जा रहे है। आप यह भी नोटिस कर सकते है कि दोपहर के समय में अधिकांश न्यूज चैनल भी कॉमेडी शोज का प्रसारण करते है। अपनी दिनचर्या में नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रमों को देखना भी शामिल करेँ।

हास्य योगा है हंसी का सबसे सरल हथियार: योग गुरू सुनील सिंह

मनुष्य की आत्मा की संतुष्टि शारीरिक स्वास्थ्य और बुद्धि की स्थिरिता नापने का एक ही मापदंड है, वह है चेहरे पर खिली प्रसन्नता। प्रसन्नचित आदमी अधिक समय तक जीवन जी पाता है। अन्य योगा की भांति हास्य योग भी हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद है। हास्य योगा कोई अलग विधि नही है बल्कि योग में हास्य को मिलाया गया है। आमतौर पर हास्य योगा में योग करते वक्त हंसना सीखाया जाता है। इस योगा के माध्यम से ही बिना किसी मतलब के हंसना सीखाया जाता है। हास्य योगा की कुछ क्रियाएं निम्न है-

कपालभाति हास्य योग– कपालभाति तो आपने सुना ही होगा, अक्सर इस योगा को आप अपने घर में या मैदान में जाकर करते भी होगें। इस आसन को करते वक्त आपको मन ही मन मुस्कुराना भी होगा। हास्य कपालभाति में आप व्रजासन में बैठकर अपना दायां हाथ पेट पर रखें और हल्के से हां बोले। इससे आपका पेट अंदर होगा और सांस नाक और मुंह से बाहर आएगा।

मौन हास्य-किसी भी क्रिया में बैठकर मन ही मन हंसने को ही मौन हास्य कहा गया है। इस क्रिया को करते वक्त आप पहले गहरी सांस लें और फिर सांस को अंदर रोककर धीरे धीरे मन ही मन हंसते हुए छोडे। ऐसा कम से कम 10 मिनट करेँ। शरीर के विभिन्न अंगों में होने वाले दर्द से इस क्रिया को करने से छुटकारा मिल सकता है।

ताली हास्य-ताली बजाते हुए जोर-जोर से हंसे। बाएं हाथ की हथेली पर दाएं हाथ से ताली बजाए। अक्सर सुबह के वक्त आप पार्क में यह क्रिया करते हुए लोगों को देख सकते है। आप भी या तो उनमें शामिल हो जाए या फिर अलग से इस क्रिया को करें। हार्ट से संबंधित विभिन्न बिमारियों में यह क्रिया काफी लाभकारी है।

अन्य हास्य क्रिया

पद्मासन,सुखासन आदि अवस्था में भी हास्य का अभ्यास करना काफी लाभकारी माना जाता है। हास्य योगा का तात्पर्य हंसने से है। आप विभिन्न क्रियाओं में बैठकर हंसे। इससे शरीर को विशेष लाभ प्राप्त होता है। मौन हास्य से शरीर में उत्साह और आत्मविश्वास आता है। इसके अलावा कई अन्य क्रियाएं भी हास्य के साथ कर सकते है। एक दूसरे की तरफ उंगली उठाकर विरोधाभास करते हुए जोर-जोर से ठहाके लगाकर भी आप हास्य योगा कर सकते है।

कोरोना काल में रामबाण है लाफ्टर थैरेपी: मनोवैज्ञानिक डॉ.मुकुल शर्मा

लॉकडाउन में लोगों का सामान्य जीवन असामान्य हो गया है। इंडोर एक्टिविटी पर निर्भर होने के कारण लोगों में तनाव और डर हावी हो रहा है। ऐसे में लाफ्टर थैरेपी रामबाण साबित हो सकती है। कोई भी इंसान जब हंस रहा होता है तो वह किसी भी गम को भूल सकता है। आपको बता दूं कि हंसी से बड़ी कोई औषधि नही है। हंसी हमारे व्यक्तित्व में निखार तो लाती ही है साथ ही यह विभिन्न बिमारियों से बचाने में भी लाभदायक है। नियमित तौर पर हंसी शरीर में 52 तरह के डिसऑर्डर से हमें बचाती है। हंसने से टेंशन कम होती है। जब हम ठहाके लगाकर हंसते है तो शरीर में ऑक्सिजन की मात्रा में बढ़ोत्तरी होती है। इसलिए नियमित रूप से हंसे।

 

(डॉ.मुकुल शर्मा देहरादून में मनोवज्ञानिक और कैरियर काउंसलर है।)

 प्रस्तुति-कुलदीप तोमर

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